शेयर बाज़ार में निवेश करना विज्ञान है और कला भी। हमारी काबिलियत जानकारी व अनुभव के साथ बढ़ती जाती है। फिर भी अच्छे निवेश के साथ बुरे निवेश से भी हर किसी का साबका पड़ता है। वॉरेन बफेट जैसे धुरंधर निवेशक भी इससे नहीं बच पाए। 1993 मे उन्होंने डेक्सटर शू कंपनी में 44.30 करोड़ डॉलर का निवेश किया जिसे बाद में उन्होंने जीवन की सबसे बड़ी गलती माना। इसमें उनका सारा निवेश डूब गया था। सवाल उठता है कि अगर सब कुछ देखभाल कर खरीदा गया शेयर घाटा देने लग जाए तो क्या किया जाना चाहिए? सीधा-सा जवाब है कि शेयर खरीद भाव से 20% तक गिर जाए तो फौरन बेचकर घाटा खा लेना चाहिए। लम्बे समय तक उससे चिपके रहना सही नहीं। अब तथास्तु में आज की कंपनी…
यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...