चलो! आंखें बंदकर अनंत यात्रा पर निकल जाएं। अंदर की प्रकृति को बाहर की प्रकृति से एकाकार हो जाने दें। पेड़ों की फुनगियों, पहाड़ों के छोर को छूते हुए बादलों के फाहों पर उड़ने दें। मृत्यु का अभ्यास करने दें।
2010-12-19
चलो! आंखें बंदकर अनंत यात्रा पर निकल जाएं। अंदर की प्रकृति को बाहर की प्रकृति से एकाकार हो जाने दें। पेड़ों की फुनगियों, पहाड़ों के छोर को छूते हुए बादलों के फाहों पर उड़ने दें। मृत्यु का अभ्यास करने दें।
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