वहां एसईसी मुस्तैद, यहां सेबी संलिप्त!
भाजपा व मोदी सरकार से जुड़े दो वरिष्ठ वकीलों – मुकुल रोहतगी और महेश जेठमलानी ने सवाल उठाया है कि अमेरिका को क्या पड़ी है कि वो भारत के उद्योगपति गौतम अडाणी पर तोहमत लगा रहा है। लेकिन उन्होंने नहीं बताया कि अमेरिका के न्याय विभाग और वहां के पूंजी बाज़ार नियामक एसईसी ने गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी समेत सात अन्य सहयोगियों के खिलाफ इसलिए सम्मन जारी किया क्योंकि उन्होंने अमेरिका के निवेशकों केऔरऔर भी
सेबी है, मगर मासूम निवेशक असुक्षित
शेयर बाज़ार में तीन तरह के लोग धंधा करने या कमाई करने के मकसद से आते हैं। एक वे जो अपनी बचत का एक अंश यहां लगाकर साइड की कमाई करना चाहते हैं। ऐसे रिटेल निवेशकों व ट्रेडरों की संख्या देश में कुल पंजीकृत लगभग 20 करोड़ निवेशकों में से 10-12 करोड़ तो होगी ही। दूसरे वे हैं जिनके पास इफरात धन है और वे शेयर बाज़ार में खेलने के लिए आते हैं। पैसा फेंको, तमाशा देखो।औरऔर भी
लालच छोड़ें, निवेश को ज़रूरत से जोड़े!
शेयरों में निवेश करो और भूल जाओ। यह मंत्र उनके लिए है जिनके पास इफरात धन है। लेकिन जो निवेशक अपनी भावी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शेयरों में अपनी बचत लगाने का जोखिम उठाते हैं, उनके लिए निवेश करो और भूल जाओ की यह सोच विशुद्ध विलासिता है। उन्हें ज़रूरत पड़ने या लक्ष्य पूरा होने पर शेयरों को बेचकर मुनाफा निकालते रहना चाहिए। इससे वे किसी वजह से अचानक शेयरों के गिरने के नुकसान सेऔरऔर भी




