कोई सर्वज्ञ नहीं होता। न ही किसी से सर्वज्ञ होने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन सत्यवादी परम्परा के भारत जैसे देश के प्रधानमंत्री से यह उम्मीद तो की ही जा सकती है कि वे देश से जुड़े मसलों पर झूठ नहीं बोलेंगे। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सत्ता का ऐसा नशा चढ़ गया है कि वे कुछ भी अनाप-शनाप बोलते रहते हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले कृषि अर्थशास्त्रियों के 32वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दावा किया,औरऔर भी