इसे राजनीतिक अवसरवाद की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या कहेंगे कि जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले चुनावी सभाओं व रैलियों में खुद को अति पिछड़ा बताते थे, वे अब कहने लगे हैं कि भारत में केवल चार ही जातियां हैं – गरीब, युवा, महिलाएं और किसान। उनमें यह बदलाव तब आया, जब विपक्ष के इंडिया गठबंधन ने जाति जनगणना का मुद्दा ज़ोर-शोर से उठा दिया। प्रधानमंत्री पिछड़ी व दलित जातियों की गोलबंदी को रोकने के लिए नईऔरऔर भी