अर्थव्यवस्था के साथ सब अच्छा तो नहीं!
2024-02-14
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिम बजट को समावेशी व इनोवेटिव बताया है। मगर यह न तो समोवेशी है और न ही इनोवेटिव। जिस विकास में रोज़गार ही नहीं बन रहा, वो समावेशी कैसे हो सकता है? खुद सरकार के आवधिक श्रम शक्ति सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार देश में नियमित वेतन वाला रोज़गार पांच साल से ठहरा हुआ है। अधिकांश रोजगार जो बना है, वो अवैतनिक पारिवारिक श्रम या प्रछन्न बेरोज़गारी है। कृषि में वास्तविक मजदूरी घटी है।औरऔर भी

