बराबरवालों से होड़, बड़ों से सीख सही
2023-09-25
समझदारी इसमें है कि हम अपने बराबर वालों से होड़ लें और जो बड़े हैं, उनसे सीखें। मगर, बड़बोले व खोखले नेतृत्व की आदत होती है कि वह खुद को अपने से बहुत बड़े लोगों की होड़ में खड़ा कर देता है और जो बराबर हैं, उनकी तौहीन करता है। इससे उसके अनुयायियों में झूठा अहंकार व खोखला आत्मविश्वास भर जाता है। इस तरह नेतृत्व तो अपनी छवि चमकाकर सत्ता सुख भोगने के बाद किसी दिन झोलाऔरऔर भी

