किराने के बगल में किराने की दूसरी दुकान, ज्वैलर के बगल में कई ज्वैलर, हार्डवेयर व पेंट की एक नहीं, अनेक दुकानें। आसपास दवा की दुकानों की भरमार। आखिर इतनी सारी दुकानों को इतने सारे ग्राहक कहां से मिल जाते हैं कि सब का धंधा चौकस चलता रहता है? इस सवाल का ठोस जवाब भले ही न मिल पाए, लेकिन हकीकत यही है कि सभी दुकानदार मजे में धंधे के दम पर घर-परिवार चलाते हैं। यही शांतिऔरऔर भी