उठा-पटक का दौर, इंट्रा-डे ट्रेडिंग सही!
वित्तीय जगह में नीतियों से लेकर बाज़ार तक भारी उथल-पुथल का दौर चल रहा है। अपने यहां रिजर्व बैंक ने ब्याज दर एक बार फिर 0.50% उठाकर 5.90% पर पहुंचा दी। अमेरिका का फेडरल रिजर्व कई बार ब्याज बढ़ाने के बाद आगे भी बढ़ाते रहने पर आमादा है। शेयर बाजार ऐसी भारी उहापोह में जमकर ऊपर-नीचे होता रहता है। हालत यह है कि दिन में निफ्टी का 200-250 अंक उठना-गिरना आज सामान्य बात बन गई है। ऐसेऔरऔर भी
उद्योग दमदार, कंपनी हो पाक-साफ!
अच्छा निवेश वो है जिसमें मूलधन सुरक्षित रहे और इतना संतोषजनक रिटर्न मिले जो महंगाई को बेअसर कर सके। निवेश के गुरु बेन ग्राहम ने निवेश की एक और परिभाषा दी है। निवेश वो है जिसे मात्रा और गुणवत्ता, दोनों पैमानों पर खरा पाया जाए। कंपनी में निवेश संबंधी मात्रात्मक पहलुओं में उसके धंधे व लाभ की वृद्धि दर, ऋण-इक्विटी अनुपात, इक्विटी व नियोजित पूंजी पर रिटर्न, लाभ मार्जिन और लाभांश रिकॉर्ड वगैरह आते हैं। इन परऔरऔर भी





