विदेशी पोर्टफोलियो या संस्थागत निवेशक आज भारतीय शेयर बाज़ार में हर्षद मेहता जैसे बड़े ऑपरेटर की हैसियत हासिल कर चुके हैं। जब चाहते हैं किसी कंपनी या क्षेत्र के शेयरों को उठा या पीट देते हैं। उन्हें धीरे-धीरे बटोरने के बाद चढ़ाने लगते हैं और जमकर मुनाफा कमाते हैं। उन्होंने हाल में आईटी क्षेत्र के साथ यही किया। ऐसा बेचा कि इन्फोसिस, विप्रो, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा व ओरैकल फाइनेंशियल सर्विसेज़ जैसी कंपनियों के शेयर 52औरऔर भी