अगर आप शेयरों की ट्रेडिंग में दिलचस्पी रखते हैं तो डब्बा ट्रेडिंग का नाम ज़रूर सुना होगा। हर गैर-कानूनी काम की तरह यह भी हल्के-फुल्के मुंगेरीलाल टाइप लोगों को खूब खींचता है। कोई लिखा-पढ़ी नहीं, रिकॉर्ड नहीं, सारा लेनदेन कैश में, सारी कमाई काली। फिर इनकम टैक्स देने या रिटर्न भरने का सवाल ही नहीं। सारे सौदे स्टॉक एक्सचेंज के बाहर होते हैं तो सिक्यूरिटी ट्रांजैक्शन का सवाल ही नहीं उठता। साथ ही कोई दिक्कत आने याऔरऔर भी

नींबू की गरमी उतरने का नाम नहीं ले रही। एक तो इस मार्च महीने में 122 सालों की सबसे ज्यादा गरमी पड़ी तो डिमांड बढ़ गई। दूसरे, नींबू की फसल का ताज़ा सीजन मौसम की मार चढ़ गया तो सप्लाई घट गई। इसके ऊपर से महंगे पेट्रोल-डीजल ने मालभाड़े को आसमान पर पहुंचा दिया। शेयर बाज़ार में डिमांड-सप्लाई का यही खेल बराबर चलता रहता है। आप कहेंगे कि यहां तो शेयरों की सप्लाई स्थिर ही रहती है।औरऔर भी