लालच पर लगाएं लगाम, बुद्धि को दें कमान
कुछ ऐसा बताएं कि दस का सौ और फिर सौ का हज़ार हो जाए। क्या शेयर बाज़ार में ऐसा मुमकिन है? यकीनन। अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर 17 मार्च को 112.70 पर था। 24 नवंबर को 1220 तक उठ गया और अब भी 1160 पर है। साल भर में 100 का 1000! लेकिन शेयर बाज़ार का पूरा सच यह है कि चंद चमकते जुगनुओं के पीछे भागनेवाले निवेशक ऐसी गहरी खाई में गिरते हैं कि कभी निकलऔरऔर भी
अनुशासन से डिगे तो पूंजी व लाभ दोनों स्वाहा
कितने शेयरों में ट्रेड करना है, इसे अपनी पूंजी व रिस्क क्षमता के मद्देनज़र पहले से तय कर लें। इससे इधर-उधर नहीं। 50-100 शेयरों में ट्रेड करने का अनुशासन बनाया है तो उसका दृढ़ता से पालन करें। अगर लालच में आकर 500 शेयरों का सौदा कर लिया और वह किसी वजह से उल्टा पड़ गया तो 50-50 के दस या 100-100 के पांट सौदों का मौका ही खाएगा, बल्कि पहले कमाए लाभ को भी चट कर सकताऔरऔर भी
शॉर्ट-सेलिंग का रिस्क सबके वश की बात नहीं
फाइनेंस की दुनिया कभी रुकती नहीं। दुनिया के बाज़ारों पर नज़र रखते हुए सुबह-सुबह अंदाज़ लें कि आज बाज़ार की दशा-दिशा क्या रह सकती है। अगर पता न लग सके या बाज़ार अनुमान से उल्टी दिशा में चला जाए तो ट्रेडिंग न करें। दरअसल, रिटेल ट्रेडर के पास पूंजी और रिस्क लेने की क्षमता कम होती है। स्टॉक्स के लॉन्ग सौदे ही उसके लिए सुरक्षित होते हैं। इसलिए वह चाहकर भी शॉर्ट सेलिंग नहीं कर पाता तोऔरऔर भी
ट्रेड न करना भी तो एक तरह की पोजिशन है
हर दिन ट्रेडिंग करना कतई ज़रूरी नहीं। मन अशांत या ज्यादा ही उत्साह से भरा हो, उस दिन ट्रेडिंग न करें। अचानक किसी दिन जमकर कमा/गंवा लिया तो अगले दिन ट्रेडिंग न करें क्योंकि सफलता/विफलता का झटका ऐसा संतुलन बिगाड़ सकता है कि आप जो जैसा है, उसे वैसा नहीं देख पाएंगे। घर में झगड़ा हुआ हो, उस दिन ट्रेडिंग न करें। बजट या मौद्रिक नीति जैसी खबरों, कंपनी के तिमाही नतीजों या डेरिवेटिव सौदों की एक्सपायरीऔरऔर भी







