देश की अर्थव्यवस्था कब वापस पटरी पर आएगी, नहीं बताया जा सकता। लेकिन कुछ सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। वाहनों की बिक्री, एयर ट्रैफिक, टोल संग्रह और रेलवे से माल लोडिंग बढ़ने लगी है। मानसून औसत से बेहतर रहा है तो खरीफ की फसल अच्छी रहेगी। वैसे भी कोरोना संकट में हमारी अर्थव्य़वस्था बढ़ने के बजाय जब 23.9% सिकुड़ गई, तब कृषि की विकास दर 3.4% रही है। आज तथास्तु में कृषि बिजनेस से जुड़ी एक कंपनी…औरऔर भी

शेयर बाज़ार कभी सीधी रेखा में नहीं चलता। उठना-गिरना उसका स्वभाव है। खरीदने का पलड़ा भारी तो बढ़ता है, अन्यथा गिरता है। इधर एफआईआई/एफपीआई बराबर बेच रहे हैं। मगर बाज़ार ज्यादा गिर नहीं रहा। बढ़ रहा या सपाट बंद हो रहा है। समझना ज़रूरी है कि इस समय किसकी खरीद से बाज़ार संभला हुआ है? अभी वे खरीद रहे हैं जिन्होंने पहले बेच रखा है और शॉर्ट कवरिंग से मुनाफा कमा रहे हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी