कालेधन को साफ करने की जिस वैतरणी के लिए सरकार ने देश के 26 करोड़ परिवारों को तकलीफ की भंवर में धकेल दिया, वह दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती हमारी अर्थव्यवस्था के लिए कर्मनाशा बनती दिख रही है। आईएमएफ जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन तक ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का अनुमान 7.6 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जबकि चीन का अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। यह केंद्र सरकारऔरऔर भी

बाज़ार चाहता है कि अर्थव्यवस्था को विकास अच्छी रफ्तार से हो। लोगों के पास ज्यादा खर्च करने की क्षमता हो। इसलिए इनकम टैक्स में छूट की सीमा ढाई से बढ़ाकर कम से कम चार लाख कर दी जाए। लेकिन अगर कैपिटल गेन्स टैक्स से कोई नकारात्मक छेड़छाड़ की गई, सिक्यूरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाया गया तो बाजार नाराजगी भी जता सकता है। लेकिन मोदी सरकार के लिए साहसिक सुधार का यह आखिरी बजट है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी