ठीक पिछली उठान पर संस्थाओं की खरीद आ सकती है और पिछली गिरावट पर संस्थाएं बिकवाली कर सकती हैं। लेकिन ध्यान रहे कि वित्तीय बाज़ार में कुछ भी 100% पक्का नहीं। यहां प्रायिकता चलती है। हो सकता है और नहीं भी। इसलिए ट्रेडर को हमेशा रिस्क मैनेज करके चलना पड़ता है। दिक्कत है कि वित्तीय जगत में घाघ भरे पड़े हैं। इसमें ट्रेडिंग की अपनी धार हर किसी को खुद निकालनी पड़ती है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी