संस्थागत निवेशक वहीं खरीद या बिक्री करते हैं, जहां सप्लाई व डिमांड में असंतुलन होता है तो उनकी चाल जानने के लिए हमारा फोकस इस असंतुलन का पता लगाने पर होना चाहिए। इसके लिए किसी उस्ताद या एनालिस्ट की शरण में जाने की ज़रूरत नहीं। इसका रहस्य बाज़ार या स्टॉक के भावों का चार्ट ही खोल देता है। बस उसे कायदे से देखना और भावों के पीछे की भावना को समझना आना चाहिए। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी