दिग्गज अर्थशास्त्री से लेकर आम इंसान तक जानता है कि भाव डिमांड व सप्लाई से तय होते हैं। सप्लाई बंधी या कम रहे और डिमांड बढ़ जाए तो भाव पक्का चढ़ जाते हैं। जहां सप्लाई और डिमांड का संतुलन टूटता है, भाव वहीं से रुख बदल लेते हैं। यह सर्वमान्य सच है। मतभेद इसको लेकर होता है कि कौन-सी चीजें डिमांड और सप्लाई को प्रभावित कर रही हैं। इसका जवाब बड़ा महत्वपूर्ण है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी