त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। दशहरा बीत गया। दो हफ्ते बाद दिवाली है। लक्ष्मी का त्योहार। व्यापारियों का त्योहार। व्यापारी खुद कुछ बनाते नहीं बल्कि दूसरों के बनाए माल को बेचनेवाले से लेकर खरीदनेवाले तक पहुंचा देते हैं। उनको कोई मतलब नहीं कि टूथपेस्ट बाबा रामदेव बना रहे हैं या कॉलगेट और वो कैसे बनाया जाता है। व्यापारी को इससे मतलब होता है कि उसे किसमें ज्यादा मार्जिन मिल रहा है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी