आज रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष 2016-17 की हर दो महीने पर होनेवाली तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करने जा रहा है। हमेशा की तरह बाज़ार खुलने के लगभग डेढ़ घंटे बाद इसे रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर 11 बजे घोषित किया जाएगा। यह गवर्नर रघुराम राजन के कार्यकाल की आखिरी मौद्रिक नीति समीक्षा होगी और माना जा रहा है कि वे ब्याज या रेपो दर को 6.50% पर यथावत रखेंगे। अब समझते हैं मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

यूं तो इंसान के लालच की कोई सीमा नहीं। फिर भी अधिक से अधिक रिटर्न तो सभी कमाना चाहते हैं। हालांकि इस अधिक से अधिक की भी सीमा हमें समझनी चाहिए। अच्छी तरह समझें कि यह सीमा अलग-अलग देश की अर्थव्यस्था और वहां चल रही ब्याज दर पर निर्भर करती है। मसलन, अमेरिका में ब्याज दर 0.25 से 0.50% सालाना है तो वहां वित्तीय बाज़ार से 2-3% कमाई बहुत होती है। अब देखते हैं सोमवार का व्योम…औरऔर भी

निवेश और धंधे की बात आती है तो देश या राष्ट्रवाद की सारी सीमाएं टूट जाती हैं। लाखों विदेशी निवेशक अपने देश के बजाय आज भारत जैसे उभरते देशों में इसीलिए निवेश कर रहे हैं क्योंकि यहां कहीं ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। असल में निवेश करते वक्त स्वदेशी और विदेशी कंपनियों का फर्क मिट जाता है। जिसके धंधे में अच्छी संभावना है, वहां निवेश करना लाभदायी होता है। आज तथास्तु में पेश है एक बहुराष्ट्रीय कंपनी…औरऔर भी

हर कंपनी का फ्लोटिंक स्टॉक बंधा है। खरीदने वाले ज्यादा और बेचने वाले कम तो शेयर चढ़ जाता है। शेयर बाज़ार में हर कोई मुनाफा कमाने आता है, धुनी रमाने नहीं। अच्छे शेयरों में सबसे पहले समझदार निवेशक पहुंचते हैं, फिर संस्थाएं, सिस्टम ट्रेडर, पेशेवर निवेशक व ट्रेडर और म्यूचुअल फंड। शेयर जब काफी बढ़ चुका होता है, तब आखिर में रिटेल ट्रेडर घुसता है। हमें रिटेल ट्रेडर को शुरू में पहुंचाना है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी

ये तथाकथित विश्लेषक कैसे काम करते हैं, इसका एक उदाहरण पेश है। एक बड़ी फर्म के एक्सपर्ट ने जमना ऑटो जब 191 पर था, तब ज्ञान दिया कि वो कुछ दिन में 212 तक चला जाएगा। उनसे पूछा जाना चाहिए था कि जो शेयर पहले से 52 हफ्ते के शिखर पर है, उसमें ज्यादा उम्मीद इस बात की है कि पुराने निवेशक बेचकर मुनाफा कमाएंगे तो आखिर किनकी खरीद से वो 11% बढ़ेगा? अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी