समाज व राजनीति की तरह शेयर बाज़ार में भी ठगों की कमी नहीं। लंबी हांकना इनकी फितरत है। भावनाओं को हवा देकर ये अपना शिकार करते हैं। शेयर बाज़ार में इसका खास तरीका है मल्टी-बैगर का। फेंकते हैं कि फलानां शेयर कुछ महीनों-साल में कई गुना हो जाएगा। यह बहुत बड़ा फ्रॉड और घोटाला है क्योंकि पहले से बताना असंभव है कि कोई शेयर इतने साल में इतना गुना हो जाएगा। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

ट्रेडिंग की सबसे ईमानदार, बुद्धिमान, विश्वसनीय, श्रेष्ठ व सबसे सस्ती सेवा ‘अर्थकाम’ दे रहा है। यह दावा मैं अपने मुंह मियां मिठ्ठू बनने के लिए नहीं, बल्कि कई दूसरी सेवाओं को आजमाने के बाद कर रहा हूं। खुद की रिसर्च में मददगार समझेंगे तो इसका लाभ उठा पाएंगे। टिप्स मानकर चलेंगे तो रोते रहेंगे। समझें कि ड्राइविंग कितने भी अच्छे ट्रेनिंग स्कूल से सीख लें, सड़क पर गाड़ी आपको ही चलानी है। अब करें शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी

नोबेल पुरस्कार जीतने वाले से बड़ा विद्वान कौन होगा? उसने भी अगर शेयर बाज़ार पर रिसर्च कर रखी हो तो कहने ही क्या! लेकिन वे भी ऐलानिया कहते हैं कि छोटी अवधि में शेयरों की चाल को पकड़ना मुमकिन नहीं। इसलिए मानकर चलिए कि सारी गणनाओं के बावजूद हम ट्रेडिंग में काफी हद तक कयासबाज़ी का ही सहारा लेते हैं। ऐसे में गलत दांव पड़ने का जोखिम संभालना बेहद ज़रूरी है। अब पकड़ते हैं गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी

यक्ष ने युधिष्ठिर से पूछा कि सबसे बड़ा आश्चर्य कौन-सा है? युधिष्ठिर का जवाब था: हर दिन यहां कोई न कोई मरता है। फिर भी बाकी बचे लोग अनंत समय तक जीने का भ्रम पाले रहते हैं। इसी तरह बार-बार कही गई कहावत है कि बिना अपने मरे स्वर्ग नहीं मिलता। फिर भी लोग शेयर बाजार की ट्रेडिंग में दूसरे की टिप्स पर कमाई का मंसूबा पाले रहते हैं। यह सोच आत्मघाती है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

वे खुद को भारत में अल्पकालिक निवेश या ट्रेडिंग की संभवतः सबसे विश्वसनीय सेवा बताते हैं। अर्थकाम से साल भर बाद अंग्रेज़ी में स्विंग ट्रेड की यह सेवा शुरू हुई। बड़ी इच्छा थी कि घुसकर देखा जाए, इसमें है क्या! लेकिन साल का एक लाख रुपए कैसे देता? इधर 40,000 रुपए के ऑफर के साथ 5000 रुपए में महीने भर आजमाने का मौका मिला तो अंदर देखा कि ढोल के भीतर पोलमपोल है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी