जैकपॉट की चाह के पीछे है डिप्रेशन
2015-11-17
बहुत सारे लोग मानते हैं कि शेयर बाज़ार सटोरियों का अड्डा है और यहां अधिकांश लोग जुआ खेलते हैं। यह मान्यता बहुत हद तक सही भी है। पिछले ही हफ्ते एक सब्सक्राइबर ने लिखा कि ऐसा जैकपॉट बताइए कि किस्मत चमक जाए। कैसे कहूं कि यह सोच एक तरह का डिप्रेशन दिखाती है। सच है कि बाज़ार में भविष्य का कयास लगाया जाता है, लेकिन यह सट्टेबाज़ी की तरह अंधा नहीं होता। अब निकालें मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

