शनिवार को एक शख्स से मिला जिनका अंदाज़ देखकर दिल गदगद हो गया। साथ गए सज्जन के मुंह से जैसे ही ‘टिप’ शब्द निकला, भाई पलटकर बोला, “टिप वेटर लेते हैं और मैं कोई वेटर नहीं हूं।” वाकई वेटर की मानसिकता से ट्रेडिंग में कामयाबी नहीं मिल सकती। किसी भी सलाह को जब तक आप अपने सिस्टम पर अलग-अलग टाइमफ्रेम में परख नहीं लेते, तब तक उस पर ट्रेडिंग करना गलत है। अब परखें मंगल की दशा-दिशा…औरऔर भी

जिस तरह हमारे शरीर की सीमाएं हैं, उसी तरह हमारे दिमाग की भी सीमाएं हैं। मानव मस्तिष्क को पांच से ज्यादा वेरिएबल्स दे दो तो वह फ्रीज़ हो जाता है, कन्फ्यूज़ होकर काम ही करना बंद कर देता है। इसलिए बाज़ार का विश्लेषण करते वक्त पांच से ज्यादा संकेतकों या अलग डाटा का इस्तेमाल हमें भ्रमित कर सकता है। हमें चार्ट से बाज़ार में सक्रिय लोगों की सक्रियता समझनी है। अब करते हैं आगाज़ इस हफ्ते का…औरऔर भी

अगर आप बूढ़े व अशक्त नहीं हैं और पहाड़ चढ़ रहे हों तो बड़ा छोड़कर छोटा रास्ता अपनाते हैं, भले ही वहां पैर फिसलने का जोखिम हो। दरअसल, मानव मस्तिष्क के तार जुड़े ही ऐसे हैं कि हम स्वभावतः शॉर्टकट को तरजीह देते हैं। लेकिन लंबे निवेश में शॉर्टकट की मानसिकता बेहद नुकसानदेह साबित होती है। इसलिए हमें संयम और अनुशासन से खुद को शॉर्टकट की तरफ जाने से रोकना पड़ता है। अब आज की चुनिंदा कंपनी…औरऔर भी

एक ट्रक डाइवर था। मस्त-मस्त सपने बुनता था कि थोड़ा-थोड़ा करके किसी दिन इतना बचा लेगा कि अपना ट्रक खरीदेगा और तब गैर का चाकर नहीं, खुद अपना मालिक होगा। सौभाग्य से एक दिन वो सपना पूरा हुआ। सालों-साल की बचत काम आई। उसने एकदम झकास नया ट्रक खरीदा। नौकरी छोड़ दी। यार-दोस्तों के साथ खुशी मनाने के लिए जमकर दारू पी। उसी रात घर लौट रहा तो नशे में ट्रक खड्डे में गिरा दी। डीजल टैंकऔरऔर भी