हम मानते हैं कि जितना रिस्क, उतना रिवॉर्ड। ज्यादा रिस्क, ज्यादा फायदा। दिक्कत यह है कि फायदे की सोच में मगन होकर हम भूल जाते हैं कि ज्यादा रिस्क में पूंजी डूबने का खतरा भी ज्यादा होता है। वहीं ट्रेडिंग में भयंकर रिस्क की बात कही जाती है। लेकिन प्रोफेशनल ट्रेडर की खूबी होती है कि वो वही सौदे करता है जिसमें न्यूनतम रिस्क में अधिकतम फायदे की प्रायिकता सबसे ज्यादा होती है। अब शुक्र की ट्रेडिंग…औरऔर भी

जिस फाइनेंस क्षेत्र का काम आम बचत को खींचकर देश के उद्योगीकरण में लगाना है, वह पूरी तरह लोगों को छलने में लगा है। शेयर बाज़ार का छल तो जगजाहिर है। लेकिन खतरनाक बात यह है कि इसमें बीमा से लेकर समूचा बैंकिंग क्षेत्र भी शामिल हो गया है। यहां तक कि सरकारी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कारिंदे भी किसी से कम नहीं हैं। हो सकता है कि आपको भी हाल में इसऔरऔर भी

जीवन के तमाम क्षेत्रों की तरह शेयर-ट्रेडिंग में भी कुछ नीति-वाक्य चलते हैं। कहते हैं कि इंट्रा-डे ट्रेडर को अगर दिन में लगातार तीन बार घाटा हो तो उस दिन उसे ट्रेडिंग रोक देनी चाहिए। स्विंग ट्रेडर का दांव अगर लगातार तीन दिन उल्टा पड़ जाए तो उसे दो दिन ऑफ ले लेना चाहिए। लेकिन दांव सही पड़ते-पड़ते ट्रेडिंग पूंजी दोगुनी हो जाए तो तीन दिन छुट्टी मनानी चाहिए। अनुशासन के साथ अब बढ़ें बाज़ार की ओर…औरऔर भी

बिजनेस चैनलों का अपना बिजनेस मॉडल है। ज्ञान देते एनालिस्टों के खाने कमाने का अपना मॉडल है। आर्थिक अखबारों का अलग बिजनेस मॉडल है। हम जित्ता इन्हें देखते या पढ़ते हैं, इनका धंधा उत्ता चमकता है। मुनाफा ही उनका ध्येय है, खबर उनका धंधा है। हमारा भला उनके लिए रत्ती भर मायने नहीं रखता। ट्रेडिंग भी एक धंधा है तो किसी गैर को नहीं, हमें ही इसका बिजनेस मॉडल बनाना होगा। अब देखते हैं आज का बाज़ार…औरऔर भी

ट्रेडिंग आसान है। ब्रोकर के पास डीमैट एकाउंट खुलवाया और शुरू हो गए। पर सफल ट्रेडर बनना बेहद मुश्किल है। मुश्किल इसलिए नहीं कि यह कोई रॉकेट साइंस है, बल्कि इसलिए कि आपको सामनेवाले शख्स को हराना है। बड़ी पूंजी के साथ प्रोफेशनल्स बैठे हैं सामने। कोई शेखचिल्ली उनसे कभी नहीं जीत सकता। उन्हें हराने के लिए उनके जैसा ही दक्ष बनना पड़ता है, अध्ययन और कठोर अभ्यास करना पड़ता है। इसी कड़ी में बढ़ते हैं आगे…औरऔर भी

इस हफ्ते एक के बाद एक तीन अहम खबरें आने वाली हैं। आज सरकार अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक से जुड़ी मुद्रास्फीति का आंकड़ा जारी करेगी। बुधवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व की समिति बांड खरीद पर कुछ बोलेगी। फिर शुक्रवार को रिजर्व बैंक के नए गवर्नर रघुराम राजन बीच तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेंगे। इस तरह इस हफ्ते 16, 18 और 20 सितंबर के दिन काफी अहम हैं। अब आगाज़ इस हफ्ते का…औरऔर भी