दो हफ्ते पहले गुजरात-महाराष्ट्र से सटे आदिवासी इलाके में सर्वोदय मंडल का काम देखने गया था तो बेहद उत्साही बुजुर्ग खंडेलवाल जी से मिलना हुआ। उम्र 84 साल। पहले सीए थे। अब पिछले तीस सालों से सामाजिक कार्यकर्ता हैं। शेयर बाज़ार में पहले निवेश करते थे। अब उसकी कमाई समेट रहे हैं। उन्होंने हिंद लीवर का शेयर एक रुपए में लिया था। अभी 700 के आसपास है। लंबे निवेश का यही फायदा है। आज एक लार्ज-कैप स्टॉक…औरऔर भी

आप बाज़ार का जबरदस्त विश्लेषण कर लें, शानदार स्टॉक्स चुन लें, भयंकर रिसर्च कर लें, तब भी ट्रेडिंग की जंग में जीत की कोई गारंटी नहीं। लगातार पचास मुनाफे के सौदे, पर एक की सुनामी सब बहा ले जाएगी। अच्छा ट्रेडिंग सिस्टम बड़े काम का है। पर बाज़ार अक्सर सिस्टम से बाहर छटक जाता है। स्टॉप लॉस बांधने में टेक्निकल एनालिसिस से मदद मिलेगी। इससे घाटा कम होगा, पर मिटेगा नहीं। घाटा मिटाने का एकमेव सूत्र हैऔरऔर भी

चीन में अभी धूप से करीब 5000 मेगावॉट बिजली बनती है। अपने सोलर पैनेल उद्योग के उत्पादन को खपाने के लिए उसने तय किया है कि 2015 तक वह सौर ऊर्जा की क्षमता 35,000 मेगावॉट तक पहुंचा देगा। वहीं, भारत में सौर ऊर्जा की मौजूदा क्षमता 1466 मेगावॉट है। दस साल में 2022 तक इसे 20,000 मेगावॉट तक पहुंचाने की योजना है। देश को परमाणु बिजली का खतरनाक ख्वाब दिखानेवाली यूपीए सरकार को सूरज की रौशनी मेंऔरऔर भी

कहावत है कि खुद मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता। उसी तरह खुद बाज़ार की थाह लिए बगैर कोई इससे नोट नहीं बना सकता। तो! ट्रेडर को बाज़ार की थाह लेने पर कितना वक्त लगाना चाहिए? बात डे-ट्रेडिंग नहीं, बल्कि पोजिशन ट्रेड की। नया ट्रेडर तो बुनियादी बातें सीखने पर जितना वक्त लगाए, उतना कम। जो इतना सीख चुका है, उसे रोज़ाना कम-से-कम दो घंटे बाज़ार के विश्लेषण और होमवर्क पर लगाने चाहिए। अब देखें बाज़ार की दशा-दिशा…औरऔर भी

की-बोर्ड से नज़र उठाकर ज़रा सोचिए कि आप शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग इसलिए करना चाहते हैं ताकि नोट कमा सकें। लेकिन इसके लिए ट्रेड करने का हुनर सीखना पड़ेगा। तो, नोट कमाना पहले या सीखना पहले? हमारा ही नहीं, सारे अनुभवी लोगों को मानना है कि जल्दी-जल्दी नोट बनाने के चक्कर में पड़े तो मुंह की खाएंगे। ट्रेडिंग की बारीकियां समझ लें, नोट अपने-आप आने लगेंगे। छोटे ट्रेड से बड़ी सीख। परखें कुछ ऐसे ही छोटे ट्रेड…औरऔर भी

ट्रेडिंग में कामयाब होने के लिए एक तरफ जहां आपको अपने ऊपर भरोसा ज़रूरी है, वहीं दूसरी तरफ सावधानी भी चाहिए। केवल एक का होना खतरनाक है। अगर आप निधड़क हैं, लेकिन सतर्क नहीं तो बहुत मुमकिन है कि आप मग़रूर और फेंकू हो जाएंगे। यह किसी भी ट्रेडर के लिए आत्मघाती है। वहीं अगर आप चौकन्ने हैं, लेकिन अपने पर भरोसा नहीं तो सही मौके भी हाथ से फिसल जाएंगे। अब रूख आज के बाज़ार का…औरऔर भी