कुछ चीजें लगभग नहीं, एकदम-एकदम अंसभव होती हैं। लेकिन हमेशा जीतने की इच्छा और जिजीविषा इंसान को अक्सर यह मानने पर मजबूर कर देती है कि जो वो चाहता है, वही होगा। नहीं होता तो हम किस्मत से लेकर अपने आसपास के लोगों पर दोष मढ़ने लगते हैं। मैं भी इस बार यही कर रहा हूं। इधऱ-उधर की भागमभाग और उन चार गुरुओ को दोष दे रहा हूं जिनसे मैं हाल-फिलहाल ट्रेडिंग के हुनर सीख रहा हूं।औरऔर भी