बकवास हैं, अफवाह हैं अंदर की खबरें
खबरों के आधार पर ट्रेडिंग कभी न करें क्योंकि अगर आपको खबर कंपनी के अंदरूनी सूत्रों से मिली है तो आप और आपके सूत्र को कभी भी इनसाइडर ट्रेडिंग के अपराध में भारी जुर्माना और जेल की सज़ा झेलनी पड़ सकती है। अगर खबर बाहर से मिली है तो 99.99% तय मानिए कि वो अफवाह है। अगर ऐसा न भी हो तो आप तक पहुंचते-पहुंचते शेयरों पर उसका असर हो चुका होता है। अब आज की खासऔरऔर भी
एक का रिस्क टूसरे से कटता कैसे?
पोर्टफोलियो थ्योरी पढ़नेवाले जानते होंगे कि कम से कम 40 कंपनियों का सेट बना लिया जाए तो हर कंपनी में निवेश का खास रिस्क आपस में कटकर खत्म हो जाता है। बस, शेयर बाज़ार का आम रिस्क बचा रह जाता है। लेकिन बीएसई अपने सेंसेक्स में 30 कंपनियों से ही काम चला रहा है। इसलिए S&P का टैग जुड़ जाने के बाद भी सेंसेक्स काम का नहीं। निफ्टी और एसएक्स-40 सही हैं। देखते हैं आज के ट्रेडिंगऔरऔर भी
ठर्रा बोलो या शराब, लोगे तो चढ़ेगी
दिल्ली में मेरे एक पुराने परिचित हैं। यूं तो हम लोग एक ही कमरे में कई साल तक रहे हैं। लेकिन उन्हें मित्र कहना मैं मुनासिब नहीं समझता। उनका दावा है कि उनको देर रात कोलकाता से एफआईआई व म्यूचुअल फंडों की खरीद की खबर मिल जाती है। यही तरीका है शेयरों की चाल को समझने का। बाकी सब फालतू है। मेरा मानना है कि एफआईआई या डीआईआई के पीछे भागना फालतू है। अब लंबे निवेश कीऔरऔर भी
14 में 12 सही तो स्ट्राइक क्या रेट!
जीवन सतत सीखने का नाम है। हम वही, दुनिया भी वही। लेकिन दृष्टि की सीमा है तो बार-बार लगातार खुद को खोजना पड़ता है। बाहर-भीतर गोता लगाना पड़ता है, तभी मिलते हैं मोती। जो ऐसा नहीं करता, वक्त की खाईं में खो जाता है। पहले मोबाइल बाज़ार में नोकिया का हिस्सा 70% था। सैमसंग और एप्पल बढ़ते गए और नोकिया उनसे पार नहीं पा सका तो उसका हिस्सा 40% से नीचे आ चुका है। देखते हैं बीताऔरऔर भी
बीस हज़ार की महिमा ऐसी, छिपाती कालिख सहारा, माया, कांग्रेस सबकी
अपने यहां 20,000 रुपए की सीमा बड़ी चमत्कारिक है। उसे छूते ही कालाधन सफेद हो जाता है। अभी तक राजनीतिक पार्टियां चंदे की ज्यादातर रकम को इससे कम बताकर काले को सफेद करती रही हैं। अब सहाराश्री ने भी यही रास्ता अपना लिया है। सहारा समूह की दो कंपनियों की तरफ से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपए को लौटाने के बारे में पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा ने अविश्वास जताया तो सहाराऔरऔर भी





