बाजार इस हफ्ते दायरे में बंधकर चलेगा। पहले निफ्टी 5230 से 5340 का दायरा तोड़े, तभी आगे की दिशा साफ हो सकती है। यह कहना है जानकारों का। लेकिन जीवन की तरह शेयर बाजार भी किसी फिल्म या सीरियल की स्क्रिप्ट नहीं है कि कम से कम लिखनेवाले को आगे का पता हो। यहां तो हर कोई, बड़े से बड़ा दिग्गज भी अंदाज ही लगाता है। नहीं लगा तो तीर, लग गया तो तुक्का। बाजार में हरऔरऔर भी

पहले ही बाधाओं की सोचने लगे तो बाधाओं के इतने बुलबुले फूट पड़ेंगे कि चलना ही रुक जाएगा। आकस्मिकता का इंतजाम होना चाहिए। विफल हो गए तो क्या करेंगे, इसका भी आभास होना चाहिए। पर, मंजिल तो चलने से ही मिलेगी।और भीऔर भी

जब तीन-तीन सत्ताएं आपके भीतर हैं तो बाहरी सत्ता के फेर में क्यों पड़ना! मन ही मन मातृसत्ता, पितृसत्ता और गुरुसत्ता को साध लिया जाए तो आशीर्वाद व प्रेरणा का ऐसा निर्झर अंदर से बहता है कि कहीं और माथा झुकाने की जरूरत नहीं।और भीऔर भी

मूल्य वो है जो कंपनी के कर्मों से बनता है और भाव वो है जो लोग उसे देते हैं। खरीदने-बेचने वाली शक्तियों के असल संतुलन से ही निकलता है भाव। हो सकता है कि कंपनी बहुत अच्छा काम कर रही हो। उसका धंधा बढ़ रहा हो। लाभप्रदता भी बढ़ रही हो। फिर भी बाजार के लोगों में उसके शेयरों को खरीदने की दिलचस्पी न हो तो उसका भाव दबा ही रहेगा। आप कहेंगे कि अच्छी चीज़ कोऔरऔर भी

संघर्ष तो एक ही है घर से लेकर दफ्तर और व्यापक समाज तक। वो यह कि जो मेहनत करते हैं, उन्हें उनका वाजिब श्रेय कैसे दिलाया जाए। घर में महिला को, फैक्टरी में कामगार को, दफ्तर में कर्मचारी को और राजनीतिक पार्टी में कार्यकर्ता को।और भीऔर भी

टाटा समूह बराबर खुद के पाकसाफ होने का दावा करता रहता है। खासकर, उसके मौजूदा चेयरमैन रतन टाटा रिश्वत के नाम से ही बिदकने का अंदाज दिखाते रहे हैं। लेकिन इसी साल दिसंबर से उनकी जगह समूह की बागडोर संभालने वाले सायरस मिस्त्री की मूल कंपनी शापूरजी पल्लोनजी ने महाराष्ट्र हाउसिंग बोर्ड, म्हाडा के एक अधिकारी को करोड़ों की रिश्वत दी थी। यह खुलासा खुद महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल ने गुरुवार को राज्य विधानसभाऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने निजी चीनी मिल मालिकों को तीन महीने के भीतर गन्ना किसानों का सारा बकाया चुकाने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी मिल मालिकों को पेराई सत्र 2008-09 और 2010-11 के किसानों के सारे बकाये का भुगतान तीन महीने के भीतर कर देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मिल मालिकों से किसानोंऔरऔर भी

सरकार ने शुक्रवार को 586.14 करोड़ रुपए के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) द्वारा 30 मार्च 2012 की बैठक की गई सिफारिशों के बाद ही इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। एफडीआई को एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेश) या पोर्टफोलियो निवेशक की तुलना में ज्यादा अच्छा माना जाता है। इसमें सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव शांता बायोटेक्निक्सऔरऔर भी

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से अब भी देश की सबसे बड़ी कंपनी है रिलायंस इंडस्ट्रीज। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,28,999 करोड़ रुपए है तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का 2,39,516 करोड़ रुपए। लेकिन आंकड़ों की झूठी ललकार में भी रिलायंस का कोई तोड़ नहीं। शुक्रवार को 2011-12 के सालाना नतीजों की घोषणा करते हुए उसने कहा: 3,39,792 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व, 19,724 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ और अब तक का सबसे ज्यादा 2,08,042 करोड़औरऔर भी

दोपहर साढ़े बारह बजे तक सब ठीक था। बाजार सपाट। न ऊपर, न ज्यादा नीचे। निफ्टी 5336.15 पर था, जबकि निफ्टी फ्यूचर्स 5353.55 के शिखर पर। फिर अचानक जाने क्या हुआ कि 2 बजकर 26 मिनट पर निफ्टी में वोल्यूम एकदम गिरकर गया और निफ्टी फ्यूचर्स सीधे 5000 की खाईं में जा गिरा। स्पॉट बाजार पर भी इसका सीधा असर पड़ा। आखिर ऐसा क्यों और कैसे हुआ? छानबीन जारी है। तमाम डीलरों का कहना है कि ऐसाऔरऔर भी