कृषि व सम्‍बद्ध क्षेत्रों में सकल पूंजी निर्माण 2004-05 में सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) का 13.1 फीसदी था, जबकि वित्त वर्ष 2010-11 तक यह बढ़कर 20.1 फीसदी हो गया है। कृषि व सम्‍बद्ध क्षेत्र मार्च 2012 में खत्म हो रही 11वीं योजना के दौरान 3.5 फीसदी की अनुमानित दर से बढ़ा है, जबकि 10वीं और 9वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान विकास की दर क्रमशः 2.4 फीसदी और 2.5 फीसदी थी। यह आंकड़े हमारे अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने कोल इंडिया को सख्त निर्देश दिया है कि वह बिजली कंपनियों को दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति की गारंटी दे, नहीं तो उस पर पेनाल्टी लगाई जा सकती है। यह पहल सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से की गई है। निर्देश में कहा गया है कि कोल इंडिया 2015 में चालू की जानेवाले बिजली परियोजनाओं के साथ 20 साल तक ईंधन (कोयला) सप्लाई करने का करार करे। बुधवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार इससेऔरऔर भी

दो साल दो महीने पहले, दिसंबर 2009 में टाटा समूह द्वारा बड़े जोरशोर से लांच किया गया वॉटर प्यूरीफायर टाटा स्वच्छ पूरी तरह फ्लॉप साबित हो गया है। हालत इतनी खराब है कि टाटा केमिकल्स ने अपने तिमाही नतीजों में इस ‘युगांतरकारी’ उत्पाद का जिक्र तक करना बंद कर दिया है। जिन ग्राहकों ने इसे शुरुआती प्रचार की रौ में आकर खरीद लिया था, उन्होंने इसे किनारे कर दिया है। और, नए ग्राहक सस्ता होने के बावजूदऔरऔर भी

मेरा यकीन अब हकीकत बन चुका है। कल ही मैंने कहा था कि निफ्टी जरूर से जरूर 5500 तक पहुंच जाएगा। और, आज ऐसा हो गया। निफ्टी ने तीन बजे के आसपास 5542.10 की ऊंचाई पकड़ ली और अंत में 2.14 फीसदी की भारी बढ़त के साथ 5531.95 पर बंद हुआ है। निफ्टी फ्यूचर्स तो 5564.45 पर जाने के बाद 5551.40 पर बंद हुआ है। सारे शॉर्ट सौदे कट चुके हैं। बाजार ओवरबॉट अवस्था में पहुंच चुकाऔरऔर भी

अरंडी बड़े ही जीवट वाला ऐसा पौधा है जो देश में उत्तर से दक्षिण तक कहीं भी आपको सड़क किनारे उगा हुआ मिल जाएगा। गुजरात, राजस्थान व आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में जमकर इसकी व्यावसायिक खेती होती है। भारत दुनिया में अरंडी व इससे बने उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है। दुनिया के बाजार का 65 फीसदी हिस्सा इसके पास है। अरंडी की खली से लेकर तेल तक में औषधीय गुण होते हैं। हिंदी भाषी इलाकों केऔरऔर भी

भगवान के भ्रमजाल में फंसानेवाला शख्स सच्चा गुरु नहीं हो सकता क्योंकि भगवान तो अपनी कमियों-कमजोरियों को पूरा करने के लिए खुद हमारे द्वारा समय व स्थान से हिसाब से गढ़ी गई छवि है।और भीऔर भी