सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी के बाजार पूंजीकरण में गिरावट जारी है। कुछ समय पहले तक वह बाजार पूंजीकरण (शेयरों के मूल्य और कुल शेयरों की संख्या का गुणनफल) में केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज से पीछे थी। लेकिन इसके बाद अन्य सरकारी कंपनी कोल इंडिया उससे आगे निकल गई। अब टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का बाजार पूंजीकरण भी ओएनजीसी से ज्यादा हो गया है। इस तरह बाजार पूंजीकरण के लिहाज से ओएनजीसी देश में ऊपर से चौथेऔरऔर भी

मल्टी-ब्रांड रिटेल क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोले जाने के सुझाव के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि एफडीआई नियमों को और उदार बनाए जाने को लेकर बातचीत जारी है। बुधवार को केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क विभाग के मुख्य आयुक्तों व महानिदेशकों के सालाना सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा, ‘‘एफडीआई को और उदार बनाने के लिये चर्चा जारी है।’’ उन्होंने कहा कि एफडीआई नीति को निवेशकों के अनुकूल बनाने केऔरऔर भी

गांधीवादी नेता अण्णा हज़ारे ने घोषणा की है कि अगर सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के मुद्दे पर जनता का साथ नहीं दिया तो वे 16 अगस्त से जंतर मंतर पर ‘देश की आजादी’ की दूसरी लड़ाई शुरू करेंगे। योगगुरू बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर रामलीला मैदान पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को अपने सहयोगियों के साथ राजघाट पर अनशन शुरू करने के बाद दोपहर करीब सवा बारह बजे अपने संबोधन में हज़ारे नेऔरऔर भी

मैंने सुना और अखबारों में पढ़ा भी कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) दोनों ही छोटी व मध्यम आकार की कंपनियों के लिए जल्दी ही अलग एसएमई एक्सचेंज शुरू करने जा रहे हैं। इस एक्सचेंज को लेकर बहुत सारे ट्रेडर और निवेशक काफी उत्साहित हैं। छोटी कंपनियों के आईपीओ में अमूमन कॉरपोरेट गवर्नेंस का स्तर अच्छा नहीं होता। ऐसे ज्यादातर आईपीओ खुलने से पहले ही बिक जाते हैं। आईपीओ की लिस्टिंग पर भावऔरऔर भी

जिस पश्चिग बंगाल में ममता बनर्जी मां, माटी, मानुष के नारे पर सत्तासीन हुई हैं, उसी के एक इलाके की माटी हजारों मानुषों के लिए श्राप बन गई है। सुंदरवन के गोसाबा में हजारों किसानों के लिए आने वाला मानसून बारिश की बूंदें भले ही ले आए, लेकिन खारी धरती की फसलें तब भी हरी नहीं होंगी। दो साल पहले आए आइला चक्रवात से खारी हुई मिट्टी का अभिशाप झेलने को विवश हैं ये किसान। एक ओरऔरऔर भी

महाराजा श्री उम्मेद मिल्स का शेयर पिछले चार कारोबारी सत्रों से कुलांचे मार रहा है। 2 जून, गुरुवार को उसका 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 425.40 रुपए पर बंद हुआ था। 3 जून, शुक्रवार को यह 6.21 फीसदी बढ़कर 451.80 रुपए पर बंद हुआ। सोमवार को खुला 460 रुपए पर। लेकिन बंद हुआ 496.75 रुपए तक उठने के बाद 7.12 फीसदी बढ़कर 483.95 रुपए पर है। कल, 7 जून को तो उसने 511.05 रुपए पर नयाऔरऔर भी

पीपल और बरगद दीवारों व छतों तक पर मजे से उग जाते हैं। लेकिन सायास गमलों में लगाओ तो सूखने लगते हैं। असल में हम उन्हें वो संतुलन नहीं दे पाते जो वे प्रकृति प्रदत्त गुण से खुद बना लेते हैं।और भीऔर भी