पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी निवेशकों के बीच धड़ल्ले से बंट रही निवेश की सलाहों को लेकर परेशान हो गई है। उसने निवेशकों को आगाह किया है कि अगर कोई व्यक्ति एसएमएस, इलेक्ट्रॉनिक या प्रिट मीडिया पर विज्ञापन के जरिए निवेश की सलाह देता है, भले ही वह किसी अनुबंध या इसके बिना यूं ही दे रहा हो, तो वो बाजार भावों को प्रभावित करने और निवेशकों को झांसा देने की कोशिश हो सकती है। इसलिए निवेशकोंऔरऔर भी

स्टैंप ड्यूटी का ज्यादा होना देश के रीयल एस्टेट क्षेत्र में काले धन के पैदा होने का बड़ा कारण है। यह कहना देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। उनके मुताबिक रीयल एस्टेट सौदों में पारदर्शिता लाने की राह में स्टैंप ड्यूटी बहुत बड़ी बाधा है और इस क्षेत्र में काले धन को आने से रोकने के लिए ऐसे शुल्क की दरों को कम करना जरूरी है। राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में प्रधानमंत्री ने कहा,औरऔर भी

विदेश कमाने गए भारतीयों द्वारा भेजा जाने वाला आधे से ज्यादा धन देश के ग्रामीण इलाकों को जाता है जो वहां आर्थिक बदलाव और वित्तीय समावेश में योगदान करता है। मनी ट्रांसफर की सेवाएं देनेवाली फर्म वेस्टर्न यूनियन के प्रबंध निदेशक अनिल कपूर के मुताबिक बीते एक दशक में वेस्टर्न यूनियन व इंडिया पोस्ट के जरिए 6.5 अरब डॉलर का धन भारत आया। उनका कहना है कि कंपनी के 55 फीसदी केंद्र अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाकों मेंऔरऔर भी

अमेरिकी सरकार के बांडों में सबसे ज्यादा निवेश रखनेवाले चीन ने वहां अपना निवेश घटाना शुरू कर दिया है, जबकि भारत बढ़ाता जा रहा है। हालांकि मात्रा के लिहाज से भारत का निवेश चीन के सामने कहीं नहीं टिकता। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2010 से जनवरी 2011 के बीच चीन ने अमेरिकी बांडों में अपना निवेश 20.6 अरब डॉलर घटा दिया है। अक्टूबर में यह 1175.3 अरब डॉलर था, जबकि जनवरी मेंऔरऔर भी

अमेरिकी सरकार ने भारत-अमेरिका परमाणु करार को लेकर लोकसभा में हुए मतदान के दौरान सामने आए ‘वोट के बदले नोट’ मामले पर विकीलीक्स के खुलासे पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं नहीं कह सकता कि यह दस्तावेज गोपनीय है अथवा नहीं, लेकिन अगर यह गोपनीय है तो हम इसके बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।’’ विकीलीक्स के खुलासे के बाद भारत में जारीऔरऔर भी

लोकसभा में जुलाई 2008 में विश्वास मत के दौरान ‘वोट के बदले नोट घोटाले’ संबंधी विकिलीक्स के खुलासों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को खीझ और बचाव की मुद्रा में ला खड़ा दिया है। वे जहां संसद में विपक्ष को जनता द्वारा खारिज किए जाने की दुहाई देते रहे, वहीं संसद से बाहर उन्होंने खुद अपने पाक-साफ होने की दलील थी। उनका सांसदों की खरीद-फरोख्त से साफ इनकार नहीं किया। बस इतना कहते रहे कि उनका इससे कोईऔरऔर भी

बाजार एक बार फिर 5400 से 5500 की रेंज तोड़कर नीचे चला गया। निफ्टी 5367 तक जा पहुंचा और मंदड़ियों की मौज हो गई है। वे आज तीन लंबी-लंबी अफवाहें फेंकने में कामयाब रहे। एक यह कि बीजेपी विकीलीक्स के ताजा खुलासे के बाद सरकार से सदन में बहुमत साबित करने की मांग करेगी, जिसकी कोई संभावना नहीं है। दो, जापान के फंड भारत से निकलना चाहते हैं जो फिर संभव नहीं है और इसे नोमुरा सिक्यूरिटीजऔरऔर भी

यूं तो कम पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहे स्टॉक दूरगामी निवेश के लिए सबसे मुफीद होते हैं। लेकिन कभी-कभी कोई कंपनी इतनी नामी हो जाती है, उसकी साख, उसका खास अंदाज, उसकी भावी योजनाएं उसके बारे में निवेशकों को आशा से भर देती हैं और उसका स्टॉक ज्यादा पी/ई पर ट्रेड होने लगता है। किशोर बियानी के फ्यूचर समूह का हिस्सा पैंटालून रिटेल (बीएसई – 523574, एनएसई – PANTALOONR) ऐसी ही कंपनी है। उसका दो रुपएऔरऔर भी

काल की धारा में बहना आसान है, तैरना कठिन है। बहने के लिए कुछ नहीं करना होता। लेकिन तैरने के लिए सीखना पड़ता है, धारा को समझना पड़ता है, प्रवाह से लड़ना पड़ता है। इंसान बनना पड़ता है।और भीऔर भी