हेलो-हाय, बाय-बाय
पैसा रिश्तों में दरार नहीं डालता। पैसा तो असली रिश्तों की पहचान कराता है। अगर कोई आपके पैसे खा जाए तो समझ लीजिए कि वह आपका असली दोस्त कभी नहीं था। बस हेलो-हाय, बाय-बाय था।और भीऔर भी
पैसा रिश्तों में दरार नहीं डालता। पैसा तो असली रिश्तों की पहचान कराता है। अगर कोई आपके पैसे खा जाए तो समझ लीजिए कि वह आपका असली दोस्त कभी नहीं था। बस हेलो-हाय, बाय-बाय था।और भीऔर भी
सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को विदेश में खनन की परियोजनाओं के लिए त्वरित गति से मंजूरी देने पर विचार कर रही है। इससे विदेश में तेल, कोयला व खानों में निवेश के लिए प्रस्तावों को मंत्रिमंडल में बिना भेजे मंजूरी मिल सकेगी। सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव भास्कर चटर्जी ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को प्राकृतिक संसाधनों के खनन प्रस्तावों पर निवेश के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी कीऔरऔर भी
विभिन्न घोटालों को लेकर सरकार पर चारों ओर से हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा है कि यह सुशासन की जड़ों को खोखला करता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल करता है और अपने लोगों के आगे हमें शर्मिंदा करता है। शुक्रवार को दिल्ली में राज्यों के मुख्य सचिवों की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह एक चुनौती है जिसका मुकाबला हमेंऔरऔर भी
महंगाई खासकर खाद्य मुद्रास्फीति ने सरकार को परेशान करके रख दिया है। इतना परेशान कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी झल्लाकर बोले कि मुद्रास्फीति को वश में करने के उपाय किए गए हैं, लेकिन सरकार के पास कोई जादुई चिराग नहीं है कि वह इसे फौरन नीचे ले आए। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र से हटाकर राज्यों पर डालने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में रखने के लिए राज्योंऔरऔर भी
मैंने कल लिखा था कि वे निफ्टी में 5500 का स्तर तोड़ने की कोशिश करेंगे और 5550 के ऊपर पहुंच जाने पर कवरिंग शुरू कर देंगे। सारा कुछ ऐसा ही हो रहा है। मैंने अब कई फंड मैनेजरों को कहते हुए सुना है कि भारत को अंडर-परफॉर्म नहीं करना चाहिए था। मैं अगर वित्त मंत्री होता तो उनको दिखा देता कि भारत कैसे अपने बाजार पर उनके दबदबे को ठुकरा सकता है। मेरे सूत्रों का कहना हैऔरऔर भी
किस-किसकी बात करूं! हर कोई तो यही करता है। खरीदो, बेचो, होल्ड करो, निकल जाओ स्टॉप लॉस लगाकर, जैसे चाय पी लो मलाई मारकर। जो पारंगत है उनके लिए इस तरह की टिप्स सही हो सकती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे-आप जैसे सामान्य नौसिखिया निवेशकों के लिए शेयरों में निवेश बेटी की शादी की तरह है। दस जगह से लोग बताते हैं कि ये रिश्ता अच्छा है, वो रिश्ता अच्छा है। लेकिन हम खुद खोज-परखऔरऔर भी
बदलाव शाश्वत है। इसलिए दुख भी शाश्वत है क्योंकि बदलाव से यथास्थिति में मौज कर रहे लोगों को दुख होता है। बदलने वाले भी कष्ट पाते हैं। लेकिन नए की भावना उनकी सारी पीड़ा हर लेती है।और भीऔर भी
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस (एचएफसीएल) को बीएसई-500 और बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक से निकाल बाहर किया है। लेकिन खुद को ज्यादा तेजतर्रार व प्रोफेशनल बतानेवाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस कंपनी को अब भी एस एंड पी सीएनएक्स-500 जैसे सम्मानित सूचकांक में शामिल कर रखा है, जबकि करीब दो हफ्ते पहले उसे उसकी इस ‘लापरवाही’ की सूचना मीडिया की तरफ से दी जा चुकी है। हालांकि एनएसई ने तब इस बाबत पूछे गए सवालऔरऔर भी
राजा की गिरफ्तारी क्या हुई, अचानक भारत के प्रति एफआईआई का प्यार उमड़ आया है। इस साल अब तक वे लगभग हर दिन बेचते रहे हैं। लेकिन आज उन्होंने 538.71 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की है। होता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि इंसान को अचानक हकीकत देखकर अपना रुख पलट देना पड़ता है। एफआईआई ने भी ऐसा ही किया है। वे अब कहने लगे हैं कि भारतीय बाजार में मूल्यांकन काफी आकर्षक है, इसलिए खरीदऔरऔर भी
प्याज के साथ-साथ अब फाइबर, खनिज, पेट्रोल, एलपीजी और डीजल भी महंगाई में पलीता लगाने लग गए हैं। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 जनवरी 2011 को समाप्त सप्ताह में प्याज की थोक कीमतें साल भर पहले की तुलना में जहां 130.41 फीसदी बढ़ी हैं, वहीं फाइबर 47.13 फीसदी, खनिज 16.70 फीसदी, पेट्रोल 30.75 फीसदी, एलपीजी 14.99 फीसदी और डीजल के दाम 14.71 फीसदी बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर 22 जनवरी को खत्म हफ्ते में खाद्यऔरऔर भी
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