दवा कंपनी रेनबैक्सी लैबोरेटरीज के सीएफओ (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) ओमेश सेठी ने त्यागपत्र दे दिया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को गुरुवार को यह सूचना दे दी। कंपनी ने कहा है कि, ‘‘कंपनी के प्रेसिडेंट व सीएफओ ओमेश सेठी ने 25 जनवरी 2011 से कंपनी से इस्तीफा दे दिया है।’’ हालांकि कंपनी ने उनके इस्तीफे के कारणों का उल्लेख नहीं किया है। बता दें कि पिछले साल 19 अगस्त को ही कंपनी ने ओमेश सेठी को सीएफओऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी देश में वित्तीय शिक्षा और निवेश का हुनर सिखाने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है। शुरुआत वह देश के पश्चिमी भाग से करेगी। इसके लिए वह निवेश व वित्तीय शिक्षा में पारंगत 40 लोगों का चयन कर चुकी है जिन्हें उसने रिसोर्स परसन (आरपी) का नाम दिया है। इनमें से कई मान्यता प्राप्त फाइनेंशियल प्लानर हैं और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश व गोवा में रहते हैं। सेबी कीऔरऔर भी

बाजार की मनोदशा खराब चल रही है। फंड मैनेजर अब भी करीब 15 फीसदी करेक्शन या गिरावट की बात कर रहे हैं। इस सेटलमेंट में बहुत ही कम रोलओवर हुआ है। अगले महीने बजट आना है। मुद्रास्फीति की तलवार सिर पर लटकी है। ब्याज दरों का बढ़ना भी बड़ी चिंता है। इन सारी चिंताओं से घिरा निवेशक पास में कैश की गड्डी होने के बावजूद बाजार में नहीं घुसना चाहता। अमेरिकी बाजार इधर काफी बढ़ चुके हैंऔरऔर भी

देश में पहला बजट करीब 151 साल पहले 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था। तब दो साल पहले ही देश का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से सीधे ब्रिटिश राज के हाथ में आया था। बजट पेश करनेवाले पहले वित्त मंत्री थे अंग्रेजों के भारतीय शासन के प्रतिनिधि जेम्स विलसन। 1947-48 की अंतरिम सरकार का बजट लियाक़त अली खान ने पेश किया था। लेकिन ब्रिटिश शासन से आजाद भारत का पहला बजट आर के शणमुखम चेट्टीऔरऔर भी

बायोकॉन लिमिटेड दवा व्यवसाय से ज्यादा अपनी चेयरमैन व प्रबंध निदेशक किरण मजुमदार शॉ के नाम से जानी जाती है। बीते शुक्रवार, 21 जनवरी को उन्होंने बैंगलोर में कंपनी के दिसंबर 2010 तिमाही के नतीजे पेश करते हुए कहा था, “बायोकॉन ने अब तक का सबसे ज्यादा कर-बाद लाभ घोषित किया है और यह 100 करोड़ के पार चला गया है। कंपनी का परिचालन लाभ मार्जिन भी इस तिमाही में 24 फीसदी बढ़ गया है। यह हमारेऔरऔर भी

वह जमाना अब नहीं रहा, जब कम बोलना अच्छा माना जाता था। आजकल तो सफलता उन लोगों के कदम चूमती है, जो बेहतरीन शब्दों में बेहतरीन ढंग से अपने काम का बखान कर सकते हैं।और भीऔर भी