रोलओवर शुरू हो चुका है और उम्मीद के अनुरूप बाजार बढ़त पर है। फिलहाल किसी खास गिरावट के आसार नहीं हैं। लेकिन हमें यह बात दिमाग के किसी कोने में बैठाकर रखनी पड़ेगी कि निफ्टी के 5300 अंक तक करेक्शन आ सकता है। ऊपर की दिशा में 5440 का स्तर नजर आ रहा है। भले ही खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति थोड़ी घट रही हो, लेकिन रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वैसे, रिजर्व बैंक इधर चौंकानेऔरऔर भी

मारुति सुजुकी का नाम ही काफी है। कंपनी पहली तिमाही के नतीजे इसी हफ्ते शनिवार 24 जुलाई को घोषित करने जा रही है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 29,629 करोड़ रुपए की आय पर 2497.62 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसके पास 31 मार्च 2010 तक 11,690.6 करोड़ रुपए के रिजर्व थे। कंपनी की इक्विटी 144.46 करोड़ रुपए है। इसका 54.21 फीसदी हिस्सा जापानी कंपनी सुजुकी के पास और बाकी 45.79 फीसदी हिस्सा पब्लिक केऔरऔर भी

चलते-चलते राह में तिराहे-चौराहे आते हैं। सोचते-सोचते मन में दुविधाएं आती हैं। सुलझते-सुलझते नई समस्याएं आ जाती हैं। यही तो जीवन का आनंद है दोस्त। वरना, सब एकसार रहता तो बोर नहीं हो जाते।और भीऔर भी

पिछले साल अक्टूबर में भारतीय रिजर्व बैंक ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से जो 200 टन सोना खरीदा था, वह उसके लिए बहुत फायदे का सौदा साबित हुआ है। आईएमएफ से खरीदते वक्त सोने का भाव 1045 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस (31.1034768 ग्राम) था, जबकि इस 9 जुलाई को यह 1212 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस रहा है। इसलिए केवल सोने की बदौलत 9 जुलाई तक के सबसे ताजा आंकड़ों के मुताबिक रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार मेंऔरऔर भी

हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी

भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने निवेशकों को खींचने के लिए देश में व्यापक अभियान चला रखा है। इसके तहत उसने 12-17 जुलाई तक एक निवेशक सप्ताह भी मनाया। इसी दौरान उसने छोटी-सी पुस्तिका छपवाई है जिसका शीर्षक है – ए बिगिनर्स गाइड टू द कैपिटल मार्केट। इसमें बहुत सारी बातों के अलावा निवेश के बीस मंत्र सुझाए गए हैं, जिसमें से चौथा मंत्र आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) में निवेश को लेकर है, जिसे जानकर किसीऔरऔर भी

हमने 4 जून को इसी कॉलम में पहली बार गल्फ ऑयल में निवेश की सलाह देते हुए कहा था, ‘बी ग्रुप के शेयरों में गल्फ ऑयल नई पारी खेलने की तैयारी में है। कंपनी बैंगलोर की अपनी जमीन को डेवलप करना शुरू कर चुकी है। जल्दी ही वह इसके बाद हैदराबाद का नंबर लगानेवाली है।’ तब उसका शेयर 97.20 रुपए पर था। अब सोमवार 19 जुलाई को वो 116.50 रुपए पर पहुंच चुका है। यानी करीब डेढ़औरऔर भी

शासुन केमिकल्स एंड ड्रग्स (एससीडीएल) दुनिया में इबुप्रोफेन और गाबापेंटिन बनानेवाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। वह रैनिटिडाइन व नाइजैटिडाइन जैसी दवाओं की प्रमुख निर्माता है। उसने 2006 में ब्रिटेन में एक अधिग्रहण के बाद शासुन फार्मा सोल्यूशंस (एसपीएस) नाम की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सडियरी बना रखी है। 2009 से वह बायोटेक क्षेत्र में भी उतर चुकी है। उसके पास चेन्नई में अपनी आर एंड डी सुविधाएं हैं। वह अमेरिकी कंपनी वरटेक्स फार्मा को वीएस-950औरऔर भी

धन चला जाए तो पाया जा सकता है। स्वास्थ्य चला जाए तो दोबारा हासिल किया जा सकता है। यहां तक कि चरित्र भी चला जाए तो उसे सुधारा जा सकता है। लेकिन समय चला जाए तो उसे फिर से पाना असंभव है।और भीऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने प्रस्ताव रखा है कि लोगों को झांसा देकर बीमा पॉलिसी बेचनेवाले एजेंट का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। तमाम बीमा कंपनियों की बहुत-सी पॉलिसियों का नवीनीकरण न होने की बढती समस्या के कारण इरडा ने यह प्रस्ताव किया है। बीमा नियामक का प्रस्ताव है कि अगर किसी एजेंट द्वारा बेची गई 50 फीसदी पॉलिसियों का सालाना नवीकरण नहीं होता है तो उस एजेंट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इरडाऔरऔर भी