कंसोलिडेटेड कंस्ट्रक्शन कंसोर्टियम लिमिटेड (सीसीसीएल) का शेयर पिछले एक महीने में 72 रुपए से 15 फीसदी से भी ज्यादा गिरकर 61 रुपए पर आ चुका है। इस दरम्यान वह 26 नवंबर को 60 रुपए तक चला गया है जो 52 हफ्तों का उसका न्यूनतम स्तर है। इस शेयर की बुक वैल्यू 33.52 रुपए है, जबकि उसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.88 रुपए है। इस तरह कल बीएसई (कोड – 532902) में 60.90औरऔर भी

देश में असली विकास व सच्चे लोकतंत्र की स्थितियां तब बनेंगी जब जीवन में आपकी कामयाबी इससे नहीं तय होगी कि आप किसे जानते हैं, बल्कि इससे तय होगी कि आप क्या जानते हैं।और भीऔर भी

देश में सरकारी प्रतिभूतियों (बांडों) का बाजार पूरी तरह बनावटी है और सही अर्थों में यह बाजार है ही नहीं। यह कहना क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक चेयरमैन डॉ. आर एच पाटिल का। डॉ. पाटिल देश में ऋण बाजार के पुरोधा माने जाते हैं। कॉरपोरेट ऋण पर उनकी अध्यक्षता में बनी समिति दिसंबर 2005 में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप चुकी है जिसकी सिफारिशों पर अमल की बात बराबर रिजर्व बैंक व सेबी की तरफऔरऔर भी

लगता है प्याज की बढ़ती कीमतों के राजनीतिक असर से सरकार परेशान हो गई है। इसिलए प्याज की आसमान छूती कीमतों को नीचे लाने के लिए वह खटाखट कदम उठा रही है। पहले निर्यात पर बंदिश लगाने के बाद सरकार ने अब प्याज आयात पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमत 80 से 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है। इसमें कमी लाने के इरादे से सरकार ने प्याजऔरऔर भी

जेएसडब्ल्यू स्टील और इस्पात इंडस्ट्रीज की डील पर खूब बहस हो रही है। महज आठ दिनों में यह डील पूरी कर ली गई है और इन्हीं आठ दिनों में इस्पात का शेयर कुलांचे मार कर बढ़ गया। इसने हमारे बाजार के डेरिवेटिव सिस्टम की कमियां उजागर की हैं। वहां के मूल्यों की सत्यता पर सवाल उठाया है और इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका को बल दिया है। आज भी जिस तरह इस्पात का मूल्य 24.05 रुपए तक जानेऔरऔर भी

प्लेथिको फार्मास्यूटिकल्स जड़ी-बूटी पर आधारित फॉर्मूलेशन, पोषण से जुड़े उत्पाद और एलोपैथिक दवाएं बनाती है। जड़ी-बूटी व पोषण सेगमेंट में उसके प्रमुख ब्रांड हैं ट्राविसिल, माउंटेन हर्ब्स व कोच फॉर्मूला, जबकि एलोपैथिक दवाओं के उसके खास ब्रांड हैं थेरासिल और इफरटैब। लेकिन स्टॉक के लिहाज से इसमें सबसे खास बात यह लगती है कि प्रवर्तक इससे एकदम चिपके हुए हैं। उन्होंने कंपनी की 34.07 करोड़ रुपए की इक्विटी का 87.01 फीसदी अपने पास रख रखा है। एफआईआईऔरऔर भी

सब कुछ चलायमान हो तो रुक कर योजना बनाने की फुरसत कैसे मिल सकती है! रुके नहीं कि आप पीछे छूट गए। समय के साथ चलना है तो चलते-चलते योजना बनाने का हुनर सीखना पड़ेगा।और भीऔर भी

इस्पात इंडस्ट्रीज को कर्ज और घाटे के बोझ से मुक्त होने की राह मिल गई और जेएसडब्ल्यू स्टील इस सौदे के बाद मार्च 2011 तक देश में स्टील की सबसे बड़ी उत्पादन बन जाएगी। उसकी सालाना उत्पादन क्षमता हो जाएगी 143 लाख टन यानी सेल से भी ज्यादा। टाटा समूह भी यह गौरव नहीं हासिल कर सका। आर्सेलर को खरीदनेवाले लक्ष्मी निवास मित्तल भी भारत में यह हैसियत नहीं हासिल कर सके। उनके ही भाइयों – प्रमोदऔरऔर भी

एयरलाइन कंपनियों को उड़ान के रद्द होने या यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए उन्हें नवंबर महीने में 49.66 करोड़ रुपए का मुआवजा देना पड़ा है। यह जानकारी सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई है। जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अंतिम समय में उड़ान रद्द होने के कारण 7500 यात्रियों को 33.46 लाख रुपए दिए गए, वहीं टिकट होने के बावजूद विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं देनेऔरऔर भी

हमने हीरो होंडा में बेचने की सलाह दी और यह स्टॉक गिर गया जो साबित करता है कि दोपहिया वाहनों की इस भीमकाय कंपनी तक के बारे में हमारी अंतर्दृष्टि कितनी गहरी है। हमने कल ही इस्पात इंडस्ट्रीज से निकल जाने की सलाह दी, जबकि हल्ला था कि जेएसडब्ल्यू स्टील के साथ उसकी डील 30 से 33 रुपए पर हो सकती है। यहां तक कि आज के इकनॉमिक टाइम्स ने भी 30 से 33 रुपए की खबरऔरऔर भी