रिजर्व बैंक ने भले ही सीआरआर को 6 फीसदी पर लाकर बैंकों से 12,500 करोड़ रुपए की तरलता खींच ली है। लेकिन अब भी सिस्टम में इतना धन है कि हाल-फिलहाल ब्याज दरों में किसी वृद्धि के आसार नहीं हैं। यह कहना है देश की सबसे बड़ी हाउसिंग कंपनी एचडीएफसी की प्रबंध निदेशक रेणु सूद कर्नाड का। उनका कहना था कि बाजार में रेपो व रिवर्स रेपो में इतनी ही कमी की उम्मीद थी। लेकिन सीआरआर मेंऔरऔर भी

ब्याज दरों में मामूली बढोतरी हुई। बाजार ने इसे आसानी से पचा भी लिया क्योंकि मौद्रिक नीति से पहले ही गोल्डमैन सैक्स के मामले ने बाजार को करेक्शन का मौका दे दिया था। बाजार अब सामान्य हो चुका है और पटरी पर लौट आया है। रोलओवर कल से शुरू हो रहा है। हमने निफ्टी और गैल इंडिया में खरीद की सलाह दी थी और दोनों अच्छा रिटर्न दे चुके हैं। हमने निफ्टी में 5170 के स्तर परऔरऔर भी

यूं तो मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ठीक-ठीक क्या उपाय करेगा, इसका सटीक अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन होता है। लेकिन आज तो कमाल हो गया जब सूत्रों से मिले इशारे, बातचीत और विश्लेषण के आधार पर अर्थकाम की तरफ से पेश की गई खबर एकदम सही साबित हो गई। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2010-11 की मौद्रिक नीति में रेपो, रिवर्स रेपो और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 25 आधार अंकों या 0.25 फीसदी की वृद्धि करऔरऔर भी

देश की तीसरी सबसे बड़ी सैनिटरीवेयर कंपनी सेरा सैनिटरीवेयर ने वित्त वर्ष 2009-10 में 31.37 रुपए का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) हासिल किया है, जबकि 2008-09 में उसका ईपीएस 21.15 रुपए था। कंपनी के अन-अंकेक्षित परिणामों के मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 में उसकी बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 191.39 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि शुद्ध लाभ 49 फीसदी बढ़त के साथ 19.53 करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2008-09 में उसकी बिक्री 159.52 करोड़औरऔर भी

स्टील स्ट्रिप्स इंफ्रास्ट्रक्चर्स पर आज सुबह-सुबह ऊपरी सर्किट ब्रेकर लग गया। कल बीएसई में यह शेयर बंद हुआ था 16.53 रुपए पर। आज जैसे ही बढ़कर 17.35 रुपए पर पहुंचा तो चूंकि यह बढ़त 4.96 फीसदी है, इसलिए फौरन 5 फीसदी का सर्किट ब्रेकर लग गया। इसमें करीब 3000 शेयरों के सौदे हुए। यह कोई करोड़ों-अरबों कमानेवाली कंपनी नहीं है। न ही इसने हाल-फिलहाल कोई करिश्मा दिखाया है। फिर भी इसके शेयरों में यह आग क्यों? असलऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने सोमवार को अर्थव्यवस्था और मौद्रिक हालात की समीक्षा पर जारी दस्तावेज में साफ कर दिया है कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी मुख्य चुनौती मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने की होगी। इसलिए पूरी उम्मीद है कि मंगलवार को जारी की जानेवाली सालाना मौद्रिक नीति में कर्ज को महंगा कर दिया जाए। बैकिंग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि रिजर्व बैंक इसके लिए रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंक (0.25 फीसदीऔरऔर भी

यूं तो कल का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है। लेकिन अगर सारे कारक आपकी नजर में हैं और उनके बीच के समीकरण की समझ आपको है तो आप बाजार की अगली दिशा का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। ज्योतिष और बाजार में यही फर्क है। लेकिन कुछ कारक भी नजर से ओझल रह गए तो अनुमान का गलत होना तय है। इस लिहाज से गोल्डमैन सैक्स की घटना के असर का जो भी आकलन हमने किया था,औरऔर भी

हमने गोल्डमैन सैक्स की घटना के साथ ही भारतीय बाजार पर पड़नेवाले उसके प्रभाव की भी जानकारी अलग से दी थी। इस पर घबराने की कोई बात नहीं है और जो लोग बाजार गिरने के अंदेशे में शॉर्ट सौदे करना चाहते हैं, हम उनकी जरा-सा भी परवाह नहीं करते। चाहे कुछ भी हो जाए, निफ्टी आनेवाले वक्त में 6400 के स्तर तक पहुंचेगा। इसलिए बाजार में अभी जिस तरह की छोटी-मोटी गिरावट आ रही है, उसे दरअसलऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के जरिए देश से दालों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध 31 मार्च 2011 तक बढ़ा दिया है। लेकिन वाणिज्य मंत्रालय चंद बड़ी व्यापारी फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (सीसीईए) के जरिए दाल निर्यात की इजाजत दिलवाने की कोशिश में लगा हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय ने पहले से ऐसा प्रावधान कर दिया है कि विशेष आर्थिक ज़ोन में लगी इकाइयां दाल समेतऔरऔर भी

सेरा सैनिटरीवेयर आज सुबह से ही गर्दन तानकर बढ़ रहा है। सुबह खुला तो शुक्रवार के बंद भाव 249.95 रुपए से थोड़ा गिरकर 249.50 रुपए पर। लेकिन 10 बजे तक 4 फीसदी बढ़त लेकर 260 रुपए तक जा पहुंचा। असल में आज कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे आनेवाले हैं और उम्मीद है कि उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 32 से 34 रुपए हो जाएगा। अभी 2008-09 के नतीजों के आधार पर कंपनी का ईपीएस 21.15 रुपएऔरऔर भी