मैं ये दावा तो नहीं करता कि मैं सब कुछ समझता हूं। लेकिन इतना तय है कि मैं खुद को सर्वश्रेष्ठ होनेवाले का दावा करनेवाले तमाम एनालिस्टों से बेहतर समझता हूं। जब एफआईआई की खरीद के चलते बाजार में धन का प्रवाह बढ़ रहा हो, तब खरीद की कॉल देने के लिए किसी अतिरिक्त बुद्धि की जरूरत नहीं होती। इसका मतलब तब हात, जब आपने खरीद की कॉल तब दी होती, जब सेंसेक्स 8000, 15,000 या यहांऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 44 फीसदी बढ़कर 1,50,686 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। अप्रत्यक्ष कर संग्रह में सीमा शुल्क (कस्टम), केन्द्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज) और सेवा कर (सर्विस टैक्स) शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘अप्रैल-सितंबर 2010 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़कर 1,50,686 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में हुए कर संग्रह के मुकाबले 44.4 फीसदीऔरऔर भी

अडानी समूह ने ऑस्ट्रेलिया में हासिल कोयला खदानों को मिलकर विकसित करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया के साथ बातचीत शुरू की है। अडानी समूह ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में 12,600 करोड रुपए की कोयला खदानों का अधिग्रहण किया है। समाचार एजेंसी पेस ट्रस्ट ने सूत्रों के हवाले खबर दी है कि अडानी समूह की एक कंपनी और कोल इंडिया लिमिटेड के बीच बातचीत चल रही है। अडानी समूह कोयला खदानों को विकसितऔरऔर भी

ब्रिटेन का बिजनेस दैनिक फाइनेंशियल टाइम्स भारतीय बाजार में उतरना चाहता है, पर इसके लिए उसे अनुमति नहीं मिल पाई है। अखबार के संपादक ने कहा है कि भारत आने की अनुमति नहीं मिलने से उन्हें काफी निराशा है। इस आर्थिक अखबार के संपादक लायनल बार्बर ने कहा, ‘‘हम भारत में सीधे प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। हम पिछले 20 साल से यहां आने का प्रयास कर रहे हैं। यह निराशाजनक है।’’ बार्बर ने भारत के प्रिंट मीडियाऔरऔर भी

प्रेसिजन वायर्स (बीएसई कोड – 523539, एनएसई कोड – PRECWIRE) देश में कॉपर वाइंडिंग वायर बनाने की सबसे बड़ी कंपनी है। पंखे से लेकर तमाम बिजली के उपकरणों के भीतर चुंबक पर तांबे के जो लिपटे तार आप ने देखे होंगे, वही कॉपर वाइंडिंग वायर हैं। कंपनी दो दशक पुरानी है, जबकि उसके प्रवर्तक तीन दशक से इस धंधे में हैं। उनके ग्राहकों में बड़े व मध्यम स्तर की इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रकिल कंपनियां शामिल हैं। वह अपनीऔरऔर भी

समुद्र में कहीं से पानी उठाओ, वह खारा ही निकलेगा। उसमें एक ही तरह के खनिज मिलेंगे। इसी तरह समाज के हर तबके में अच्छे-बुरे, दुष्ट-सज्जन लोग मिलते हैं। ऊंची डिग्रियों से किसी का मूल स्वभाव नहीं बदलता।और भीऔर भी