देश में इस समय कुल 82 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) हैं जिनकी 15,475 शाखाएं 619 जिलों में फैली हुई हैं। 31 मार्च 2010 तक की माली हालत के आधार पर 82 में तीन आरआरबी घाटे में चल रहे हैं। ये हैं – मणिपुर रूरल बैंक (2.98 करोड़), पुडुवल भर्थियार ग्रामा बैंक (0.22 करोड़) और महाकौशल ग्रामीण बैंक (2.45 करोड़)। सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को नाबार्ड की तरफ से तकनीक उन्नयन और ज्यादा आबादी तक पहुंचने के लिएऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को स्वास्थ्य बीमा पर भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। प्रीमियम के रूप में हासिल हर 100 रुपए पर उन्हें 140 रुपए क्लेम व अन्य मदों में खर्च करना पड़ता है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीणा ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से इन कंपनियों को मेडिक्लेम में दी जानेवाली कैशलेस सुविधा को सीमित करना पड़ा है। बता दें किऔरऔर भी

इस पल की बात करें तो पावर ग्रिड, सेंचुरी, आईएफसीआई, आईडीबीआई और एचडीआईएल मेरे सबसे पसंदीदा स्टॉक हैं। खासकर पावर ग्रिड जो बहुत जल्द ही 135 रुपए का स्तर छूने वाला है। आईएफसीआई के बारे में मैंने कहा ही था कि सरकार आगे बढ़कर कह सकती है कि वह इसके बांडों को इक्विटी में नहीं बदलने जा रही। ऐसा ही हुआ। नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) के सूत्रों ने इस मसले से जुड़े हमारे विश्लेषकों को बताया हैऔरऔर भी

टेक्निकल विश्लेषण कहता है कि रामा फॉस्फेट्स (बीएसई कोड – 524037) में मध्यम अवधि में बुलिश ट्रेंड है, अपसाइड ब्रेकआउट है और यह शेयर 47.40 रुपए के कल के बंद भाव से बढ़कर 55-56.75 रुपए तक जाएगा। ये तो टेक्निकल वाले ही जानें कि दशमलव के दो अंकों तक की इतनी सटीक भविष्यवाणी वे कैसे कर पाते हैं, हम तो यह देख रहे हैं कि इस स्टॉक में कल सुबह-सुबह बीएसई में 1,43,003 शेयरों की खरीद काऔरऔर भी

जो स्थिर है, बैठा है, चलता नहीं, वह गलता है। जो गतिशील है, चलता है, वही दोषों से मुक्ति पाकर शुद्ध व समर्थ बनता है। उपनिषद तक यही कहते हैं। इसलिए ठहरने का बहाना नहीं, चलने की राह खोजनी चाहिए।और भीऔर भी