देश में 1 अप्रैल 2011 से लागू होने जा रही माल व सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में केंद्र सरकार पहले साल टैक्स की रियायती दर 6 फीसदी रखेगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकारसंपन्न समिति की बैठक में यह बात कही। उनका कहना था कि 2011-12 में केंद्रीय जीएसटी की दर माल के लिए 6 फीसदी और मानक दर 10 फीसदी रहेगी। सेवाओं पर यह टैक्स 8औरऔर भी

सी अच्युतन कमिटी की तरफ से पेश किए गए नए टेकओवर कोड को अपनाने में अभी वक्त लगेगा। यह भी संभव है कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी 31 अगस्त तक प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद इसमें फेरबदल कर दे। लेकिन अगर इसकी मूल सिफारिशों को अपना लिया गया तो इससे देश की कम से कम 76 बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के विदेशी अधिग्रहण का खतरा बढ़ जाएगा। ब्रोकर फर्म एसएमसी कैपिटल्स के एक अध्ययन के अनुसार बीएसई-500 मेंऔरऔर भी

चीन में दुनिया का सबसे बड़ा टेलीफोन नेटवर्क है। यहां कुल फोनधारकों की संख्या 110 करोड़ के पार चली गई है। इनमें से 80 करोड़ मोबाइल फोनधारक हैं, जबकि बाकी 30 करोड़ फिक्स्ड लाइन टेलिफोन हैं। चीन में 3जी सेवाओं का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। वहां इस साल जून के अंत तक 3जी मोबाइल फोनधारकों की संख्या 40% बढ़कर 2.52 करोड़ हो गई है। इस साल चीन 3जी सेवाओं पर 12,000 करोड़ युआन (17.73औरऔर भी

रोलओवर शुरू हो चुका है और उम्मीद के अनुरूप बाजार बढ़त पर है। फिलहाल किसी खास गिरावट के आसार नहीं हैं। लेकिन हमें यह बात दिमाग के किसी कोने में बैठाकर रखनी पड़ेगी कि निफ्टी के 5300 अंक तक करेक्शन आ सकता है। ऊपर की दिशा में 5440 का स्तर नजर आ रहा है। भले ही खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति थोड़ी घट रही हो, लेकिन रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वैसे, रिजर्व बैंक इधर चौंकानेऔरऔर भी

मारुति सुजुकी का नाम ही काफी है। कंपनी पहली तिमाही के नतीजे इसी हफ्ते शनिवार 24 जुलाई को घोषित करने जा रही है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 29,629 करोड़ रुपए की आय पर 2497.62 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसके पास 31 मार्च 2010 तक 11,690.6 करोड़ रुपए के रिजर्व थे। कंपनी की इक्विटी 144.46 करोड़ रुपए है। इसका 54.21 फीसदी हिस्सा जापानी कंपनी सुजुकी के पास और बाकी 45.79 फीसदी हिस्सा पब्लिक केऔरऔर भी

चलते-चलते राह में तिराहे-चौराहे आते हैं। सोचते-सोचते मन में दुविधाएं आती हैं। सुलझते-सुलझते नई समस्याएं आ जाती हैं। यही तो जीवन का आनंद है दोस्त। वरना, सब एकसार रहता तो बोर नहीं हो जाते।और भीऔर भी