इधर डॉलर-रुपए की विनिमय दर में तेजी से आ रहे बदलाव के कारण निवेशकों की दिलचस्पी निफ्टी फ्यूचर्स से ज्यादा डॉलर-रुपए के फ्यूचर सौदों में हो गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार, 2 जून को जहां निफ्टी फ्यूचर्स के 21,20,279 कांट्रैक्ट हुए हैं, वहीं डॉलर-रुपए के फ्यूचर्स में हुए कांट्रैक्ट की संख्या 32,83,341 है। इस तरह बुधवार को निफ्टी फ्यूचर्स की बनिस्बत करीब डेढ़ गुना सौदे विदेशी मुद्रा बाजार में एक्सचेंज परऔरऔर भी

सरकार सोने-चांदी से लेकर प्लैटिनम के तक के आभूषणों के लिए हॉलमार्किग को जरूरी बनाने जा रही है। इसे पहले महानगरों से शुरू किया जाएगा। फिर बड़े शहरों से होते हुए छोटे शहरों तक पहुंचा जाएगा। हॉलमार्किग की पद्धति देश में साल 2001 से अपना ली गई है। लेकिन अभी तक इसे स्वैच्छिक ही रखा गया है। इधर जिस तरह देश में आभूषणों की खपत बढ़ रही है और ग्राहकों की तरफ से घोषित शुद्धता का आभूषणऔरऔर भी

कल डाउ एस एंड पी ने वित्त वर्ष 2010-11 में आय का अनुमान 30 फीसदी बढ़ा दिया जो साफ तौर पर इस बात का संकेत है कि अमेरिकी बाजार में तेजी का दौर शुरू हो चुका है। यूरोप से तो विश्व अर्थव्यवस्था को कोई फर्क पड़नेवाला नहीं। भारत ने शानदार विकास के आंकड़े पेश कर दिए हैं। बड़े लोगों को ब्याज दर बढ़ने की आशंका सता रही है, जबकि यूरोप में क्या होगा, इससे हम परेशान होऔरऔर भी

संकटग्रस्त विमानन कंपनी एयर इंडिया का पुनर्गठन किया जा रहा है और सरकार कंपनी में अतिरिक्त इक्विटी के तौर पर 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कहना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली सालगिरह पर मंगलवार को जारी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री ने कहा है कि एयर इंडिया चलाने वाली नेशनल एविएशन कंपनी आफ इंडिया (नासिल) का पुनर्गठन किया जा रहा है और सरकार ने कंपनी में 2000 करोड़ रुपए केऔरऔर भी

गुजरात के साणंद में करीब 2000 करोड़ का टाटा नैनो संयंत्र आ जाने से वहां जमीन-जायदाद की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दो साल पहले तक वहां जमीन का भाव 800-1000 रुपए प्रति वर्ग गज था। अब यह 3500-4000 वर्ग गज हो गया है। अभी तक साणंद इलाके को तंबाकू की बेल्ट माना जाता रहा है। लेकिन अब यह दिल्ली के पास का गुडगांव बनता जा रहा है। शहर को कांडला पोर्ट से जोड़नेवाला राजमार्ग अभीऔरऔर भी

हम सब के पास दो टाइम मशीन हैं। एक मशीन हमें समय में पीछे तक ले जाती है, सुदूर अतीत में पहुंचा देती है, उसे हम याददाश्त कहते हैं। दूसरी टाइम मशीन हमें भविष्य में उड़ा ले जाती है, उसे हम ख्वाब कहते हैं।और भीऔर भी

समझ में नहीं आता कि जिस कंपनी के शेयर की बुक वैल्यू 65.78 रुपए हो, जिसने पिछले साल अक्टूबर में शिव नारायण इनवेस्टमेंट्स प्रा. लिमिटेड नाम की फर्म को जारी किए गए 5.60 लाख वारंट इसी 30 मार्च 2010 को 70 रुपए के मूल्य (10 रुपए अंकित मूल्य + 60 रुपए प्रीमियम) पर इतने ही शेयरों में बदले हों, उसके शेयर का भाव 25-30 रुपए कैसे हो सकता है। लेकिन लुधियाना की कंपनी गर्ग फरनेस का सचऔरऔर भी

ग्रीस का संकट हमारे नीति-नियामकों को भी परेशान किए हुए है, लेकिन सभी एक स्वर से कहने में लगे हैं कि इसका भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पहले यह बात वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और वित्त सचिव अशोक चावला बोल चुके हैं। अब रिजर्व बैंक के गर्वरन डी सुब्बाराव ने भी कह दिया है कि ग्रीस संकट के चलते भारत के बाह्य क्षेत्र के सामने कोई समस्या नहीं आएगी। सुब्बाराव मंगलवार को पुणे में रिजर्व बैंकऔरऔर भी

कल मैंने लिखा कि आईएफसीआई को बेचकर मुनाफा कमा लें और आज सुबह देखा तो इसने ट्वेंटी-ट्वेंटी जैसी रफ्तार पकड़ रखी थी। असल में आईएफसीआई ऐसा भागनेवाला स्टॉक है जिसे ट्रेडर खट से पकड़ लेते हैं। कल इसके ओपन इंटरेस्ट में एक करोड़ शेयर बढ़ गए थे और मुझे अंदेशा था कि अगर बाजार नहीं गिरता तो यह 95 फीसदी की लिमिट में जा सकता था। इसीलिए मैंने मुनाफावसूली की सलाह दी थी। दरअसल, हम अपने बाजारोऔरऔर भी

कंप्यूटर पर एक की गलत दब जाने के क्या हो जाता है, इसका उदाहरण है कि आज बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के 5 लाख शेयर गलती से बिक गए। सूत्रों के मुताबिक यह गलती ब्रोकर फर्म इंडिया इंफोलाइन (आईआईएफएल) के एक डीलर से हुई है। डीलर को आईसीआईसीआई बैंक के 5 लाख शेयर बेचने थे। लेकिन गलती से बटन आरआईएल पर दब गया। और फिर क्या था, सेकंडों में चलनेवाले बाजार में बिक गए आरआईएल केऔरऔर भी