समय और सिद्ध
लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और समय – इन चार विमाओं में सबसे बलवान है समय। हर पल बदलती दुनिया के मूल में यही है। जो कोई इस समय को साध लेता है वह अपने दौर का सिद्ध बन जाता है।और भीऔर भी
लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और समय – इन चार विमाओं में सबसे बलवान है समय। हर पल बदलती दुनिया के मूल में यही है। जो कोई इस समय को साध लेता है वह अपने दौर का सिद्ध बन जाता है।और भीऔर भी
वित्त वर्ष 2010-11 के पहले महीने में बैंकों के कर्ज और जमा दोनों की रफ्तार बेहद धीमी रही है। 27 मार्च से 9 अप्रैल तक तो बैंकों की कुल जमा में 43,500 करोड़ की बढ़त हो गई थी। वह भी तब जब सावधि जमा में 79,963 करोड़ रुपए की वृद्धि ने बचत व चालू खाते में जमाराशि में आई 36,643 रुपए की कमी को संभाल लिया था। लेकिन इसके बाद 10 अप्रैल से 23 अप्रैल तक केऔरऔर भी
हां, इसे आप राहत और सुकून की रैली कह सकते हैं। अब कहा जा सकता है कि हर बढ़त पर आपको बेच लेना चाहिए। यही बात तो चार्ट हर समय फेंकते रहते हैं। निवेशकों व ट्रेडरों को चक्र के अंत में बेचने की सलाह दी जाती है। खैर, जैसी कि उम्मीद थी निफ्टी 5120 अंक के ऊपर बंद हुआ। फिलहाल, कोई कहासुनी नही क्योंकि वक्त ही हमें बतलाएगा कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। आजऔरऔर भी
आपको पता है कि कल मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में अनिल अंबानी की कंपनी आरएनआरएल (रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड) के कितने शेयरों के सौदे हुए? 6 करोड़ 68 लाख 19 हजार 279। इसमें से डिलीवरी के लिए खरीद-फरोख्त हुई 92 लाख 61 हजार 547 शेयरों की यानी केवल 13.86 फीसदी। डे ट्रेडरों ने इस शेयर को अच्छी वाट लगाई और यह एक दिन में ही 7.69 फीसदी गिर गया। लेकिन आज शेयर में उठाव काऔरऔर भी
प्रोवोग इंडिया का शेयर आज बीएसई व एनएसई में कल से थोडा और गिर गया। सुबह गिरावट 2.20 फीसदी की थी। अब 1.80 फीसदी के आसपास है। खबर लिखे जाते समय बीएसई में इसका भाव 46.90 रुपए और एनएसई में ही 46.85 रुपए था। इसमें सौदे अच्छी-खासी मात्रा में हो रहे हैं। 12.20 बजे तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में इसके करीब 2.16 लाख शेयरों के सौदे हो चुके थे, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में यह संख्याऔरऔर भी
पौधे को आप मिट्टी व खाद-पानी ही दे सकते हैं। उस पर बाहर से फूल-पत्तियां नहीं चिपका सकते। यही बात इंसानों पर लागू होती है। अंतर बस इतना है कि शिक्षा व संस्कार से इंसान के अंदरूनी तत्व भी बदले जा सकते हैं।और भीऔर भी
भारतीय रिजर्व बैंक धीरे-धीरे रुपए को पूंजी खाते में परिवर्तनीय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसके तहत एक तो उसने तय किया है कि अब विदेशी यात्रा पर जाने पर कोई भारतीय नागरिक 2000 डॉलर के बजाय 3000 डॉलर ले सकता है। यह रकम लीबिया, इराक, ईरान, रूसी संघ और सीआईएस देशों के लिए पहले से 5000 ड़ॉलर है जिसे जस का तस रखा गया है। दूसरे, अभी तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मेंऔरऔर भी
आप सुबह-सुबह फल या सब्जी के किसी थोक बाजार में चले जाएं वहां आपको खरीदार और विक्रेता हाथ को रूमाल से ढंककर सौदे करते हुए मिल जाएंगे। आप ऊपर-ऊपर देखकर समझ ही नहीं सकते कि आखिर हो क्या रहा है। असल में फल और सब्जी के थोक बाजार में इसे रूमाली सौदा कहते हैं और यह अरसे से चला आ रहा नितांत हिंदुस्तानी तरीका है। थोक बाजार में सौदा करते समय खरीदार और विक्रेता आपस में हाथऔरऔर भी
देश की अदालतों में इस समय चेक बाउंस के 38 लाख से ज्यादा मामले दाखिल हैं। इनसे आजिज आकर अब सुप्रीम कोर्ट ने आउट-ऑफ-कोर्ट निपटारे के लिए दिशानिर्देश बना दिए हैं। चेक बाउंस को 1989 में दंडनीय अपराध माना गया और 2002 से इसमें समरी ट्रायल का प्रावधान किया गया। अब तय हुआ है कि अगर जिसका चेक बाउंस हुआ है, वह निचली अदालत के फैसले को चुनौती देता है तो उस पर दंड की रकम बढ़तीऔरऔर भी
आज का दिन स्टॉप लॉस के नाम रहा। निफ्टी 5200 अंक के नीचे पहुंचा तो हर तरफ सौदे काटने का सिलसिला चल निकला। चीन ने ब्याज दरें बढ़ा दी थीं और ऑस्ट्रेलिया ने मेटल के दाम। इसलिए दुनिया के बाजारों में पहले से ही थोडी कमजोरी का आलम था। बाजार को तब सदमा-सा लग गया जब ग्रीस ने कह दिया कि उसके लिए 110 अरब यूरो की रकम शायद काफी न पड़े। हमारे लिए इसका क्या मतलबऔरऔर भी
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