ऑप्टो सर्किट्स (इंडिया) लिमिटेड सौ फीसदी निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू) है। यह डिजिटल थर्मोमीटर, सेंसर, पल्स ऑक्सीमीटर, पेशेंट मॉनीटरिंग सिस्टम, स्टेंट व कैथेटर जैसे कई हेल्थकेयर उत्पाद बनाती है। उसने 2006 में कार्डिएक स्टेंट बनानेवाली जर्मन कंपनी यूरोकोर का अधिग्रहण किया था। कल ही उसने अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं जिनके मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 में समेकित स्तर पर उसकी शुद्ध बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 1077.58 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 23 फीसदी बढ़कर 260.07 करोड़ रुपएऔरऔर भी

जेएसडब्ल्यू स्टील दिल्ली की कंपनी राठी बार्स का अधिग्रहण कर सकती है। बाजार सूत्रों की मानें तो इस डील की घोषणा अगले एक महीने में संभव है। जेएसडब्ल्यू राठी बार्स के लिए प्रति शेयर 35 रुपए का मूल्य देने को तैयार हो गई है क्योंकि इसकी बुक वैल्यू इस समय 37.10 रुपए है। राठी बार्स का शेयर सोमवार को बीएसई में 17.20 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच वह 19.30 रुपए तकऔरऔर भी

पेट्रोनेट एलएनजी देश की बहुत खास कंपनी है। इसकी प्रवर्तक चार सरकारी कंपनियां हैं। गैल इंडिया, ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम। इन सभी की 12.5-12.5 फीसदी हिस्सेदारी मिलाकर कंपनी में प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 50 फीसदी हो जाती है। विदेशी संस्थागत निवेशक जीडीएफ इंटरनेशनल की इसमें 10 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है तो एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की 5.20 फीसदी। कंपनी में एफआईआई की कुल हिस्सेदारी 10.11 फीसदी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 10649 करोड़औरऔर भी

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों – एनटीपीसी, स्टील अथॉरिटी (सेल), इंडियन ऑयल और ओएनजीसी को महारत्न का ओहदा दे दिया है। महारत्न का दर्जा सरकार की उन लिस्टेड कंपनियों को दिया जाता है जिनका औसत सालाना टर्नओवर पिछले तीन सालों के दौरान 25,000 करोड़, शुद्ध लाभ 5000 करोड़ और नेटवर्थ (इक्विटी + फ्री रिजर्व) 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो। बता दें कि केंद्र सरकार मार्च 2011 से पहले सावर्जनिक क्षेत्र की कई कंपनियोंऔरऔर भी

नवनीत पब्लिकेशंस का उस नवनीत पत्रिका से कोई वास्ता नहीं है जिसके संपादक विश्वनाथ सचदेवा हैं। यह कंपनी तो स्कूली बच्चों की किताबों के प्रकाशन और स्टेशनरी का व्यवसाय करती है। और, क्या खूब करती है। नवनीत पब्लिकेशंस ने मार्च 2010 में खत्म हुए वित्त वर्ष 2009-10 में 523.31 करोड़ रुपए की बिक्री पर 68.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। केवल मार्च 2010 की तिमाही की बात करें तो उसकी बिक्री 100.61 करोड़ व शुद्धऔरऔर भी

यूं तो हमारे शेयर बाजारों में जिन 2500 से ज्यादा कंपनियों में रोज ट्रेडिग होती है, उसमें से मुझे लगता है कि तीन चौथाई निवेश के काबिल हैं। अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त रही तो लंबे समय में ये सभी अपने शेयरधारकों को फायदा देंगी। लेकिन कभी-कभी कुछ अच्छी खबरें शेयरों को हवा दे देती हैं। जैसे, हमने ठीक सात दिन पहले बर्जर पेंट्स को कुछ सकारात्मक खबरों के आधार पर खरीदने की सिफारिश की थी। तब इसकाऔरऔर भी

लोटस आईकेयर हॉस्पिटल में आज धमाका हो सकता है। बीएसई में जहां पिछले दो हफ्तों में इसमें औसतन 2.31 शेयरों का कारोबार होता था, वहीं कल मंगलवार को इसमें 16.37 लाख शेयरों का कारोबार हुआ है। इसमें से 42.25 फीसदी यानी 6.92 लाख शेयरों के सौदे डिलीवरी के लिए हैं। इसी तरह एनएसई में इसके 15.05 लाख शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिसमें से 4.12 लाख शेयर (27.41 फीसदी) डिलीवरी के लिए थे। यानी, इसमें ट्रेडरों व निवेशकोंऔरऔर भी

टाटा स्टील सोमवार को बीएसई में 536.20 रुपए और एनएसई में 536.35 रुपए पर बंद हुआ है। उसका टीटीएम ईपीएस या पिछले 12 महीनों की प्रति शेयर कमाई 48.96 रुपए है। इस आधार इस शेयर का मौजूदा पी/ई अनुपात 10.95 है। हालांकि बीएसई इसका पी/ई अनुपात 9.89 ही बताता है। दूसरी तरफ स्टील उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों, स्टील अथॉरिटी का पी/ई अनुपात 14.08 और जेएसडब्ल्यू स्टील का 11.01 है। केवल इसी आधार पर देखें तो टाटाऔरऔर भी

अक्षय तृतीया पर गोल्ड ईटीएफ ने इस बार कमाल दिखा दिया। एनएसई व बीएसई में लिस्टेड सातों गोल्ड ईटीएफ में औसत से चार-पांच गुना ज्यादा कारोबार हुआ। बीएसई में जहां कुल 18,591 सौदों में एक लाख ईटीएफ ट्रेड किए गए, वहीं एनएसई में 1.05 लाख सौदे हुए और कुल 10.51 लाख गोल्ड ईटीएफ ट्रेड किए गए। मात्रा के लिहाज से देखें तो एनएसई में गोल्ड ईटीएफ का कुल कारोबार 172.39 करोड़ रुपए और बीएसई में 24.88 करोड़औरऔर भी

इस बार अक्षय तृतीया रविवार, 16 मई को पड़ रही है। इसलिए दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों, बीएसई और एनएसई ने इस दिन केवल गोल्ड ईटीएफ में ट्रेडिंग के लिए बाजार को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 3.30 बजे तक खुला रखने का फैसला किया है। लेकिन ध्यान रहे कि इस विशेष सत्र में केवल गोल्ड ईटीएफ में ही ट्रेडिंग होगी, बाकी किसी भी प्रतिभूति में नहीं। अभी सात गोल्ड ईटीएफ शेयर बाजारों में लिस्टेड हैं। येऔरऔर भी