सरकारी कर्मचारियों की मौज है क्योंकि उन्हें मुद्रास्फीति के असर को खत्म करने के लिए यहां-वहां निवेश करने की मगजमारी नहीं करनी पड़ती। सरकार खुद ही मुद्रास्फीति के असर को महंगाई भत्ता बढ़ाकर बराबर कर देती है। केंद्र सरकार ने इसी क्रम में शुक्रवार को अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 7 फीसदी बढ़ा दिया। यह वृद्धि 1 जुलाई 2011 से लागू होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले की सूचना देते हुए सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनीऔरऔर भी

अब यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की हिंदी वेबसाइट भी शुरू हो गई है। हिंदी दिवस इस वेबसाइट का उद्घाटन नंदन नीलेकणि ने किया। उन्‍होंने कहा कि यह वेबसाइट काफी व्‍यापक है और यूआईडीएआई पोर्टल का पूर्ण हिंदी अनुवाद है। उनका दावा है कि यह हिंदी पोर्टल मास्‍टर वेबसाइट का वाजिब अनुवाद है और यह हिंदी में अनूदित अन्‍य वेबसाइटों से भिन्न है। बता दें कि देश के हर नागरिक को अलग पहचान देने की इसऔरऔर भी

आईआईटी के छात्रों में आत्‍महत्‍या के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लि‍ए सरकार ने एक टास्‍क फोर्स बनाने का फैसला किया है। इ‍समें अभि‍भावकों, शि‍क्षकों, पुराने छात्रों और प्रोफेशनल सलाहकारों को शामि‍ल कि‍या जाएगा। इसके गठन का जिम्मा आईआईटी परिषद का है। टास्क फोर्स की अध्‍यक्षता कि‍सी प्रतिष्ठित व्‍यक्‍ति ‍को दी जाएगी। टास्‍क फोर्स चार महीने में अपनी रि‍पोर्ट सौपेगी। बुधवार को आईआईटी दिल्ली के परिसर में परिषद की बैठक में तय किया गया। इसमें मानव संसाधनऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं के साथ मैन्यूफैक्चर्ड चीजों की महंगाई से थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगस्त में 9.78 फीसदी हो गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि सरकार और रिजर्व बैंक मिलकर बढ़ती मुद्रास्फीति से निपट लेंगे। वित्त मंत्री की राय में देश में ऊंची मुद्रास्फीति का मुख्य कारण वैश्विक बाजार का दबाव है। मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है। स्थिति पर सरकार कीऔरऔर भी

मुंबई की एक विशेष अदालत ने 1992 के प्रतिभूति घोटाले के मुख्य दोषी हर्षद मेहता की जब्त संपत्ति से 650 करोड़ रुपए और निकालकर बैंकों व आयकर विभाग को देने की इजाजत दे दी है। अब वित्त मंत्रालय की तरफ से नियुक्त कस्टोडियन इस रकम को जारी कर सकेंगे। मंगलवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश जस्टिस डी के देशमुख ने फैसला सुनाया कि इस 650 करोड़ रुपए में से 345.76 करोड़ रुपए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और 259.65औरऔर भी

यूरोप सहित तमाम विकसित देशों में गहराते वित्तीय संकट और घरेलू अर्थव्यवस्था की मंद पड़ती रफ्तार से चिंतित वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को वैश्विक समुदाय का आह्‍वान करते हुए कहा कि हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए और स्थिति से मिलकर निपटना होगा। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के शोध से जुडी भारतीय परिषद (आईसीआरआईईआर) के एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने अलग से कहा कि लगातार निराशाजनक समाचार मिल रहे हैं। पहले हमें औद्योगिक उत्पादन सूचकांकऔरऔर भी

देश भर में हर साल की तरह इस बार भी 14 सितम्बर को हिं‍दी दि‍वस मनाया जाएगा। इस मौके पर राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील 52 पुरस्कार बांटेंगी। ये पुरस्कार राजभाषा नीति‍ के कार्यान्‍वयन की श्रेणी के अंतर्गत सरकार के मंत्रालयों, वि‍भागों, सार्वजनि‍क उपक्रमों, राष्‍ट्रीयकृत बैंकों और वि‍त्‍तीय संस्‍थानों, स्‍वायत्‍त नि‍कायों, नि‍गमों व बोर्डों को दि‍ए जाएंगे। बता दें कि 14 सितम्बर का महत्वऔरऔर भी

सभी लोग कंपनियों के लाभ मार्जिन के कम या ज्यादा होने की बात करते हैं। लेकिन कोई इस बात पर गौर नहीं करता कि देश के अन्नदाता किसानों का लाभ मार्जिन कितना घटता जा रहा है। एक तो वैसे ही 90 फीसदी किसान गुजारे लायक खेती करके जिंदा है, ऊपर से मार्जिन में सुराख ने गरीबी में आटे को और गीला कर दिया है। एक खबर के अनुसार, धान की फसल पर किसानों ने पिछले साल प्रतिऔरऔर भी

यूरोप के केंद्रीय बैंक में अंदरूनी मतभेद और ग्रीस द्वारा करों में और कमी किए जाने की घोषणा की खबरों के बाद यूरो ज़ोन में कर्ज संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। लेकिन इससे एशियाई बाजार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख दर्ज किया गया। न्यूयॉर्क में कच्चे तेल (लाइट स्वीट क्रूड) का अक्टूबर में होने वाला मुख्य सौदा सोमवार 1.23 डॉलर की गिरावट के साथ 86.01 डॉलर प्रति बैरल परऔरऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति के साथ महंगा होता कर्ज उद्योगों की मुश्किलें बढ़ाता रहा है और उद्यमियों को लग रहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि आठ फीसदी से ज्यादा नहीं रहेगी। प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई द्वारा उत्तर भारत के उद्योगों के बीच किए गए सर्वेक्षण में 60 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि जीडीपी वृद्धि आठ फीसदी से अधिक होगी और 10 फीसदी का तो मानना है किऔरऔर भी