सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा समूह की यह दलील खारिज कर दी कि उसकी जिन दो कंपनियों – सहारा इडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पब्लिक से धन जुटाने से रोका है, उस पर सेबी का कोई अधिकार नहीं बनता और वे कंपनी रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, “हम यहऔरऔर भी

कंपनियों के बीच अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल और लोगों के तेजी से स्मार्ट फोन अपनाने के साथ इस साल साइबर अपराधी और आक्रामक ढंग से हमला बोलने की तैयारी में हैं। इंटरनेट सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी ट्रेंड माइक्रो के ताजा अध्ययन के मुताबिक 80 फीसदी से ज्यादा साइबर अपराधी स्पैम मेल भेजने के लिए वेब का इस्तेमाल करते हैं। इस समय हर सेकंड पर 3.5 नए वायरस पैदा किए जा रहे हैं। अध्ययनऔरऔर भी

सीबीआई ने दो दशक से अधिक पुराने बोफोर्स मामले में इतालवी व्यवसायी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ कार्यवाही वापस लेने का यह कहते हुए बचाव किया है कि उसे आयकर अपीली न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के आदेश के मद्देनजर सरकार से कोई ताजा निर्देश नहीं मिला है। बता दें कि क्वात्रोच्चि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद यादव के समक्ष जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताऔरऔर भी

बोफोर्स का भूत एक बार फिर कांग्रेस के पीछे पड़ गया लगता है। एक आयकर ट्राइब्यूनल ने कहा है कि होवित्जर तोप सौदे में दिवंगत विन चड्ढा और इटली के व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि को 41 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई थी और ऐसी आमदनी पर भारत में उन पर कर देनदारी बनती है। आयकर अपीली ट्राइब्यूनल ने 98 पृष्ठों के आदेश में कहा कि इस संबंध में निष्क्रियता से यह अनचाही धारणा बन सकती है किऔरऔर भी

मुद्रास्फीति की ऊंची दरों के चलते अब डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला अगले वित्त वर्ष तक टाला जा सकता है। यह कहना है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन का। उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया कि, “शायद मार्च 2011 तक अगर मुद्रास्फीति की दर 6 फीसदी के आसपास आ जाती है तो उस वक्त संभवतः डीजल के मूल्यों को बढ़ाया जा सकता है।” पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर वित्त मंत्रीऔरऔर भी

उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण ने इस बात की पुष्टि की है कि लोगों में व्यस्त जीवन शैली और बढ़ती आय के कारण डिब्बाबंद (पैक्ड) खाद्य पदार्थों और तैयार खाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इस डिब्बाबंद सुविधाजनक भोजन को मुख्यतया एकल परिवार में तरजीह दी जा रही है जहां पति व पत्नी दोनों कामकाजी हैं। साथ ही इस भोजन को अकेले व्यक्ति पसंद करते हैं जो बाहर खाना पसंद नहीं करते।औरऔर भी

प्याज की आसमान छूती कीमतों से निजात दिलाने के एक उपाय के तौर पर पाकिस्तान से प्याज आयात करने का अनुबंध किया गया है। आयात की पहली खेप सात जनवरी तक दिल्ली पहुंच जाने की उम्मीद है। पाकिस्तान से प्याज का आयात वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पीईसी और राज्य व्यापार निगम (एसटीसी) के जरिये मंगाया जा रहा है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि प्याज आयात की वास्तविक मात्राऔरऔर भी

विदा लेते साल 2010 के दौरान देश में भ्रष्टाचार और घोटालों के कई मामले सामने आए। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था नौ फीसदी की तेज रफ्तार के साथ आगे बढती दिखाई दी। पहले राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में भ्रष्टाचार, फिर कॉरपोरेट जगत के लिये जनसंपर्क का काम करनेवाली नीरा राडिया के नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों के साथ बातचीत के टेप के सार्वजनिक होने और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से उठा तूफान। इन सब विवादों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था नौ फीसदीऔरऔर भी

वैश्विक मंदी के बादल छंटने के बाद भारत में आईटी क्रांति नये सिरे से जोर पकड़ रही है। लोगबाग अब डेस्कटॉप कंप्यूटर की बजाय लैपटॉप व टैबलेट कंप्यूटर जैसे उत्पादों पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार कहीं भी इस्तेमाल किया जा सके। बाजार विशेषज्ञ कहते हैं कि नए साल में कंप्यूटर की दुनिया में नोटबुक, टैबलेट और ई-रीडर जैसे उत्पादों का बोलबाला रहने का अनुमान है। इसी तरह कीबोर्ड तथा माउस जैसे उपकरण भी धीरे-धीरेऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हफ्ते भर पहले की गई अपनी पेशकश को अमली जामा पहनाते हुए सोमवार को बाकायदा लोक लेखा समिति (पीएसी) को एक पत्र भेजकर कहा कि वे 2जी स्पेटक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के सिलसिले में समिति के सामने पेश होने को तैयार हैं। उन्होंने पीएसी के अध्यक्ष और बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी को यह पत्र उस दिन भेजा है, जब नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय भी पीएसी के सामने पेशऔरऔर भी