सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) करोड़ों रुपए की खरीद करने वाले प्रमुख विभागों में बराबर तकनीकी सतर्कता ऑडिट करने पर विचार कर रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार तकनीकी सतर्कता लेखा परीक्षकों (टीवीए) का एक दल गठित किया गया है, जो केंद्रीय सरकारी विभागों और उनकी खरीद प्रक्रिया का सतत ऑडिट करेगा। एक सूत्र ने बताया कि प्रमुख मंत्रालयों और विभागों की खरीदा के ऑडिट के लिए तकनीकी सतर्कताऔरऔर भी

सरकार रक्षा उद्योग में संयुक्‍त उद्यम परियोजनाओं और लघु व मझोले उद्यमों (एसएमई) की भागीदारी को बढ़ावा देगी। गुरुवार को नई दिल्‍ली में डेफएक्‍स्पो इंडिया-2012 के उद्घाटन के अवसर पर रक्षा राज्‍यमंत्री डॉ. एम एम पल्‍लम राजू ने यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि सरकार रक्षा उद्योग क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और इस बात के लिए भी प्रतिबद्ध है कि सशस्‍त्र सेनाएं नवीनतम उपकरणों और हथियारों से लैस हों। राज्यमंत्री का यह बयानऔरऔर भी

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 29 फरवरी 2012 तक राज्यों को 6992.44 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है, जबकि 31 मार्च 2012 को खत्म हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष में इस योजना के लिए कुल बजट प्रावधान 7729.24 करोड़ रुपए का था। इस तरह 11 महीनों में लक्ष्य का 90.5 फीसदी ही हासिल किया जा सका है। 2007-08 से लेकर अब तक किसी भी साल बजट में तय रकम पूरी तरह नहीं जारी कीऔरऔर भी

गुरुवार को डॉलर के सापेक्ष रुपए की विनिमय दर में करीब 1.2 फीसदी का झटका लगा है। बुधवार को एक डॉलर की विनिमय दर 50.775/785 रुपए थी, जबकि गुरुवार को यह 51.39/40 रुपए पर पहुंच गई। यह 12 दिसंबर 2011 के बाद किसी एक दिन में रुपए को लगा सबसे तगड़ा झटका है। विदेशी मुद्रा बाजार में इसकी दो वजहें मानी जा रही हैं। एक तो तेल आयातकों की तरफ से लगातार बढ़ रही डॉलर की मांग।औरऔर भी

केंद्र सरकार टाइड वॉटर ऑयल कंपनी में एंड्रयू यूल की इक्विटी हिस्सेदारी को बेचने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह आश्वासन भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को एंड्रयू यूल के कामकाज की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिया। एंड्रयू यूल चाय उत्पादन में लगी सरकारी कंपनी है। उसकी 65.23 करोड़ रुपए की इक्विटी का 93.30 फीसदी हिस्सा भारत सरकार के पास है। वहीं टाइड वॉटर ऑयल में प्रवर्तक केऔरऔर भी

देश भर में 17 मार्च से शुरू सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल बुधवार को बारहवें दिन भी जारी  रही। इसकी धमक संसद में भी सुनाई पड़ी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जबाव देते हुए संकेत दिया कि वे अनब्रांडेड आभूषणों पर उत्पाद शुल्क वापस ले सकते हैं। लेकिन सोने पर बढ़ा हुआ आयात शुल्क वापस लेने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि सोने पर बढ़े हुए आयातऔरऔर भी

अमेरिका ने भारतीय आईटी प्रोफेशनलों में लोकप्रिय रोजगार वीज़ा एच-1बी का शुल्क पहली अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष से बढ़ाने का निर्णय किया है। भारतीय कंपनियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इस वीजा के लिए आवेदन 2 अप्रैल से किए जाएंगे। अमेरिकी सिटीजनशिप एंड एमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने एक बयान में कहा कि अमेरिका में 50 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखनेवाली ऐसी कंपनियों के लिए एच1 वीजा आवेदनऔरऔर भी

दुनिया में सबसे तेजी से उभरते पांच देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) का शिखर सम्मेलन गुरुवार को राजधानी दिल्ली में हो रहा है। दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले इन देशों के शीर्ष नेता ब्रिक्स की चौथी शिखरवार्ता के लिए जुट रहे हैं। इस बार शिखरवार्ता का केंद्रीय विषय थीम ‘वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए ब्रिक्स की साझेदारी’ तय किया गया है। चीन के राष्ट्रपतिऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सफाई दी है कि जीएएआर (जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल) का मकसद सिर्फ टैक्स चोरों पर शिकंजा कसना है, न कि इमानदार निवेशकों को परेशानी करना। लेकिन कर देने और अपने विदेशी ग्राहकों की पहचान खुलने से डरी विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने पी-नोट्स को बेचने का सिलसिला फिलहाल के लिए रोक दिया है। बता दें कि पी-नोट वे प्रपत्र हैं जिनके जरिए विदेशी निवेशक बगैर अपनी पहचान खोले विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) केऔरऔर भी

अगर किसी व्यक्ति ने बैंक, वित्तीय संस्था या अनुमोदित धर्मार्थ संस्था से अपने या अपने रिश्तेदार की उच्च शिक्षा के लिए ऋण ले रखा है तो इस पर ब्याज के रूप में दी गई राशि उस व्यक्ति की करयोग्य राशि में से घटा दी जाएगी। दूसरे शब्दों में मान लीजिए कि सारी कटौतियों के बाद किसी व्यक्ति की करयोग्य आय तीन लाख रुपए बनती है और उसने अपने बेटा-बेटी की उच्च शिक्षा के ऋण पर साल मेंऔरऔर भी