एलआईसी की तरफ से अक्सर होनेवाली बिकवाली का वो सिलसिला अब रुक गया है जो बीएएसई सेंसेक्स को 18,000 के शुभ अंक को पार करने से रोक रहा था। होता यह था कि इधर जब भी सेंसेक्स 18,000 के पार जाने को हुआ, एलआईसी की बिक्री ने उसे रोक दिया। लेकिन आखिरकार लगता है कि एलआईसी को सीधे नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) से हिदायत मिल गई है। अब तेजी के इस नए दौर की अगुआई रिलांयस इंडस्ट्रीजऔरऔर भी

रोलओवर शुरू हो चुका है और उम्मीद के अनुरूप बाजार बढ़त पर है। फिलहाल किसी खास गिरावट के आसार नहीं हैं। लेकिन हमें यह बात दिमाग के किसी कोने में बैठाकर रखनी पड़ेगी कि निफ्टी के 5300 अंक तक करेक्शन आ सकता है। ऊपर की दिशा में 5440 का स्तर नजर आ रहा है। भले ही खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति थोड़ी घट रही हो, लेकिन रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वैसे, रिजर्व बैंक इधर चौंकानेऔरऔर भी

हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी

हमने 4 जून को इसी कॉलम में पहली बार गल्फ ऑयल में निवेश की सलाह देते हुए कहा था, ‘बी ग्रुप के शेयरों में गल्फ ऑयल नई पारी खेलने की तैयारी में है। कंपनी बैंगलोर की अपनी जमीन को डेवलप करना शुरू कर चुकी है। जल्दी ही वह इसके बाद हैदराबाद का नंबर लगानेवाली है।’ तब उसका शेयर 97.20 रुपए पर था। अब सोमवार 19 जुलाई को वो 116.50 रुपए पर पहुंच चुका है। यानी करीब डेढ़औरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने प्रस्ताव रखा है कि लोगों को झांसा देकर बीमा पॉलिसी बेचनेवाले एजेंट का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। तमाम बीमा कंपनियों की बहुत-सी पॉलिसियों का नवीनीकरण न होने की बढती समस्या के कारण इरडा ने यह प्रस्ताव किया है। बीमा नियामक का प्रस्ताव है कि अगर किसी एजेंट द्वारा बेची गई 50 फीसदी पॉलिसियों का सालाना नवीकरण नहीं होता है तो उस एजेंट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इरडाऔरऔर भी

अमेरिकी बाजार की हालत खराब, एशिया की हालत खराब, यूरोप की हालत खराब। फिर भी भारतीय बाजार ने आज अपने को टिकाए रखा। क्या इससे साबित होता है कि भारत की दुनिया से डीकपलिंग हो चुकी है, संधि-विच्छेद हो चुका है? यह सच नहीं है। हम कभी भी दुनिया के बाजारों से पूरी तरह जुदा नहीं हो सकते। बाजार में आज गिरावट नहीं आई, बल्कि निफ्टी तो शान से 5400 के पार चला गया। ऐसा इसलिए क्योंकिऔरऔर भी

तिमाही नतीजों का यह मौसम तो मानसून की तरह बीत जाएगा। किसी खास कंपनी से बाजार को किन नतीजों की अपेक्षा है, इसके पूरा होने या टूटने के हिसाब से वो प्रतिक्रिया दिखाएगा। इससे उस शेयर की सांस तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है और निवेशकों को उसे पाने का अच्छा मौका भी मिल सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है यह जानना कि शेयरों की दिशा क्या है, लक्ष्य क्या है? नए नतीजों के साथ नए ईपीएसऔरऔर भी

हाल-फिलहाल मुझे नहीं लगता कि बाजार बहुत तेजी से दौड़ लगाता हुआ निफ्टी में 5500 का स्तर हासिल कर लेगा। हालांकि 5400 और 5430 का स्तर जल्दी ही पाया जा सकता है। असल में यह सुदृढ़ीकरण या साफ शब्दों में कहें तो बाजार द्वारा खुद को दुरुस्त करने, जमाने का दौर है। बाजार आगे बढ़ने के बजाय जहां-तहां छूट गई खाली जगहों को भरकर अपने को सजो रहा है। अगले चार हफ्तों में अलग-अलग शेयरों में सक्रियताऔरऔर भी

अब लगभग यह पक्का हो गया है कि डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स अपनी आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स को अडानी समूह को बेचने जा रही है। इसके लिए उसने 30 करोड़ डॉलर का दाम लगाया है। दोनों के बीच बातचीत काफी आगे पहुंच चुकी है और सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। इस सीधा असर चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक कंपनी इंडिया सीमेट्स के शेयरों पर पड़ेगा क्योंकि इससे उसका मूल्यांकन बढ़ जाएगा। डेक्कनऔरऔर भी

बाजार में बहुत ज्यादा करेक्शन या गिरावट के आसार नहीं है क्योंकि रुझान खरीद का ही है जिससे बाजार ऊपर ही जाएगा। फिर भी हमारी सलाह है कि चुनिंदा खरीद ही करें। साथ-साथ दिमाग के किसी कोने में यह धारणा भी रखें कि बाजार गिर भी सकता है। मतलब निवेश करें, लेकिन पूरे चौकन्नेपन के साथ। जोखिम उठाएं, लेकिन नापतौल कर। वैसे भी शुक्रवार तक बाजार में तेज गति की उम्मीद न करें। गुरुवार को बाजार कमोबेशऔरऔर भी