दुनिया में सबसे तेजी से उभरते पांच देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन व दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) का शिखर सम्मेलन गुरुवार को राजधानी दिल्ली में हो रहा है। दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले इन देशों के शीर्ष नेता ब्रिक्स की चौथी शिखरवार्ता के लिए जुट रहे हैं। इस बार शिखरवार्ता का केंद्रीय विषय थीम ‘वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए ब्रिक्स की साझेदारी’ तय किया गया है। चीन के राष्ट्रपतिऔरऔर भी

एक तरफ देश के शीर्ष ऑडिटर, नियंत्रण व महालेखापरीक्षक (सीएजी) इस बात अडिग हैं कि कोयला ब्लॉकों को नीलामी के बजाय सीधे-सीधे आवंटित किए जाने से देश को 10.7 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, भले ही वे इसे घुमाकर कहनेवाले हों कि इससे कंपनियों को 10.7 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार मामले की लीपापोती में जुटी है। केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल तो नेपथ्य में चले गए हैं।औरऔर भी

देश में सबसे ज्यादा ऋण के बोझ तले दबा राज्य महाराष्ट्र है। रिजर्व बैंक के मुताबिक बीते साल 2010-11 में महाराष्ट्र के ऊपर 2.36 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। इससे ठीक पीछे उत्तर प्रदेश है जिस पर कुल 2.34 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। फिर क्रम से पश्चिम बंगाल (1.98 लाख करोड़), गुजरात व आंध्र प्रदेश (1.36 लाख करोड़) और तमिलनाडु (1.09 लाख करोड़ रुपए) का नंबर आता है। राज्य के नए बजट अनुमान केऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सफाई दी है कि जीएएआर (जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल) का मकसद सिर्फ टैक्स चोरों पर शिकंजा कसना है, न कि इमानदार निवेशकों को परेशानी करना। लेकिन कर देने और अपने विदेशी ग्राहकों की पहचान खुलने से डरी विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने पी-नोट्स को बेचने का सिलसिला फिलहाल के लिए रोक दिया है। बता दें कि पी-नोट वे प्रपत्र हैं जिनके जरिए विदेशी निवेशक बगैर अपनी पहचान खोले विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) केऔरऔर भी

अगर किसी व्यक्ति ने बैंक, वित्तीय संस्था या अनुमोदित धर्मार्थ संस्था से अपने या अपने रिश्तेदार की उच्च शिक्षा के लिए ऋण ले रखा है तो इस पर ब्याज के रूप में दी गई राशि उस व्यक्ति की करयोग्य राशि में से घटा दी जाएगी। दूसरे शब्दों में मान लीजिए कि सारी कटौतियों के बाद किसी व्यक्ति की करयोग्य आय तीन लाख रुपए बनती है और उसने अपने बेटा-बेटी की उच्च शिक्षा के ऋण पर साल मेंऔरऔर भी

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी (नालको) में अपनी दस फीसदी और इक्विटी बेचने पर गंभीरता से विचार कर रही है। वित्त राज्यमंत्री एस एस पलानी माणिक्कम ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। बता दें कि नालको एशिया की सबसे बड़ी एल्यूमीनियम कंपनी है और वेदांता समेत कई निजी कॉरपोरेट समूहों ने इस पर निगाहें गड़ा रखी हैं। कंपनी की 1288.61 करोड़ रुपए की इक्विटी का 87.15 फीसदीऔरऔर भी

भारत ने साल 2003 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क कनवेंशन पर दस्तखत किए थे। इसकी धारा 17 व 18 के तहत केंद्र सरकार का दायित्व है कि वह देश के किसानों को तंबाकू की खेती से निकालकर दूसरी फसलों की लाभप्रद वैकल्पिक खेती में लगाए। लेकिन करीब नौ साल बाद भी मामला स्वास्थ्य, कृषि और वाणिज्य मंत्रालय के बीच चिट्ठी-पत्री से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि भारतऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने अपने यहां लिस्टेड 49 और कंपनियों को लिस्टिंग समझौते के विभिन्न प्रावधानों का पालन न करने के चलते सस्पेंड कर दिया है। बीएसई का कहना है कि इन कंपनियों ने जून 2011 तक की तमाम तिमाहियों में नियमों व शर्तों को पूरा नहीं किया है। इनमें 15 कारोबारी दिनों के बाद यानी, 20 अप्रैल 2012 से ट्रेडिंग रोक दी जाएगी। अगर इन्होंने सतोषजनक तरीके से निर्धारित शर्तों को 13 अप्रैल तक पूराऔरऔर भी

क्या सरकार से मुफ्त मिली चीजों का मोल लोगों की आय तय करने के लिए उनके खर्च में शामिल किया जा सकता है? लेकिन हमारे योजना आयोग ने इसी करामात की बदौलत 1.80 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल लिया है। उसने सरकार की मिड डे मील स्कीम का फायदा लेनेवाले बच्चों के परिवारों की आय में इसका खर्च शामिल कर लिया है। अभी पिछले हफ्ते योजना आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी

सरकार ने सभी लघु बचत स्कीमों और पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) पर निवेशकों को मिलनेवाली ब्याज की दर 1 अप्रैल 2012 से बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी सूचना में कहा गया है कि आगे से हर वित्त वर्ष की शुरुआत, यानी 1 अप्रैल से पहले लघु बचत स्कीमों की ब्याज दर को अधिसूचित कर दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम रिजर्व बैंक की पूर्व गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में बनीऔरऔर भी