शिरीष खरे विश्व बैंक की शर्तों के तहत गरीबी हटाने के नाम पर किए गए ढांचागत समायोजन कार्यक्रमों के परिणाम अब सर्वत्र दिखाई देने लगे हैं। भारत विश्व बैंक के चार सबसे बड़े कर्जदारों में शामिल है। नव-उपनिवेशवादी नीतियों के कारण देश की 65 फीसदी आबादी का भरण-पोषण करने वाला कृषि क्षेत्र आज दयनीय हालत में है। हरित क्रांति की आत्ममुग्धता के बावजूद खाद्यान्न आत्मनिर्भरता लगातार कम हो रही है। विदेशी मुद्रा भण्डार का बड़ी मात्रा मेंऔरऔर भी

किसी भी पैमाने से देखें तो देश में अभी चल रही मुद्रास्फीति की दर काफी ज्यादा है। यह चिंता की बात है क्योंकि इससे एक नहीं, कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं। खासकर आबादी के बड़े हिस्से के लिए जिसके पास इसके असर को काटने के लिए कोई उपाय नहीं है। पहली बात कि मुद्रास्फीति आपके पास जो धन है, उसकी क्रय क्षमता को कम कर देती है। इससे बंधी-बंधाई आय और पेंशनभोगी लोगों का जीवनऔरऔर भी

देश में 9 राज्य को-ऑपरेटिव बैंक और 191 केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंक अभी भी बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। चौंकानेवाली बात यह है कि दशकों से भारी संख्या में ऐसी सहकारिता संस्थान बगैर किसी बैंकिंग लाइसेंस के चलते रहे हैं। लेकिन वित्तीय क्षेत्र आकलन समिति ने सिफारिश की थी कि 2012 के बाद किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक को बगैर लाइसेंस लिए काम न करने दिया जाए। इसी के बाद रिजर्व बैंक ने तय किया कि वह उनऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने यूलिप विवाद पर पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी द्वारा दायर याचिका पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार और 14 जीवन बीमा कंपनियों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। कोर्ट में इस मामले पर आज एकदम थोड़ी देर के लिए सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस सरोश होमी कपाडिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही है। बता दें कि कल सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि इस विवादऔरऔर भी

अब यह किसी अटकल या सूत्रों के हवाले मिली खबर की बात नहीं है। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी (यूलिप) की गड़बड़ियों और उस पर अधिकार पर साफ-सफाई के लिए पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गई है। भारत के एटॉर्नी जनरल जी ई वाहनवती के कार्यालय ने इसकी पुष्टि कर दी है और यह भी कहा है कि सेबी की याचिका पर सुनवाई खुद देश के चीफ जस्टिस के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वालीऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2010-11 का बजट आज लोकसभा में पास हो गया। लेकिन इससे पहले सरकार ने कॉफी किसानों को कर्ज में राहत, रुई व आयरन ओर निर्यात को महंगा करने, स्टेनलेस स्टील उद्योग को राहत, नए अस्पताओं को कर रियायत और रीयल्टी व कंस्ट्रक्शन उद्योग में सेवा कर में थोड़ी छूट देने का ऐलान कर दिया। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त विधेयक में नए संशोधनों का प्रस्ताव रखा जिसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया। लेकिनऔरऔर भी

अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और उसकी टीमों की फ्रेंचाइजी कंपनियों के मालिकाने की गड्डमड्ड पर तस्वीर साफ नहीं हुई है कि खुद कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने कह दिया कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने आईपीएल टीमों की किसी भी फ्रेंचाइची की बैलेंस शीट में कोई गड़बड़ी नहीं पाई है और किसी भी कंपनी ने किसी को स्वेट इक्विटी नहीं दी है। राजधानी दिल्ली में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के क्षेत्रीय निदेशकों के दो दिवसीयऔरऔर भी

शेयर बाजार बुधवार, 28 अप्रैल को अच्छी-खासी गिरावट का शिकार हो गया। वजह बताई गई कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने ग्रीस की रेटिंग को कचरे में डाल दिया है और पुर्तगाल की रेटिंग दो पायदान नीचे कर दी है। इससे चिंता छा गई है कि यूरोप का कर्ज संकट और गहरा हो गया है। अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स की पूछताछ से वित्तीय क्षेत्र के उलझे हुए पेंच खुलते जा रहे हैं। अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों कीऔरऔर भी

देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या मार्च 2010 तक बढ़कर 58 करोड़ 43 लाख 20 हजार तक पहुंच गई है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (टीआरएआई) के अनुसार मार्च में दो करोड़ नए मोबाइलधारक जुड़े हैं जो अब तक किसी भी महीने में हुई सबसे ज्यादा बढ़त है। फरवरी 2010 तक देश में कुल 56 करोड़ 40 लाख 20 हजार मोबाइल सब्सक्राइबर थे। इनकी संख्या मार्च में 3.6 फीसदी बढ़ गई। इसके साथ ही लैंड लाइन कोऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2010-11 के बजट में वर्षा आधारित इलाकों के 60,000 गांवों को दलहन व तिलहन गांवों के रूप में चुना गया है। इनके लिए कुल 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यानी, हर गांव के लिए केवल 50 हजार रुपए रखे गए हैं। कृषि व उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री प्रोफेसर के वी थॉमस ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि यह धन राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अधीन अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप मेंऔरऔर भी