अभी अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स पर खुद वहां की पूंजी बाजार नियामक संस्था एसईसी (सिक्यूरीज एंड एक्सचेंज कमीशन) द्वारा फ्रॉड का आरोप लगाने जाने के बाद महीने भर भी नहीं बीते हैं कि दूसरे अहम वित्तीय संस्थान मॉरगन स्टैनले पर निवेशकों को डेरिवेटिव सौदों में गुमराह करने का आरोप लग गया है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल ने कारोबारियों के हवाले खबर दी है कि अमेरिकी की संघीय जांच एजेंसियां इन सौदों की तहकीकात में लगऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक ने तय कर दिया है कि अब कटे-फटे, दाग-धब्बे या किसी भी तरीके से खराब हो चुके नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में न आने देने की जिम्मेदारी बैंकों की होगी। उन्हें नोट छांटनेवाली ऐसी मशीनें लगानी होंगी जो तय कर सकें कि कोई नोट सही व फिट है या नहीं। ये मशीनें जाली नोट भी निकालकर बाहर कर देंगी। बैंक उऩ्हीं नोटों को दोबारा सर्कुलेशन में डालेंगे जो एकदम सही और फिट पाए जाएंगे।औरऔर भी

देश भर की थोक मंडियों में अब तमाम जिसों के हाजिर व वायदा भाव लाइव टिकर पर दिखाए जाएंगे। यह काम कमोडिटी बाजार के नियामक, फॉरवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) ने देश के दो प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंजों एनसीडीईएक्स व एमसीएक्स के साथ मिलकर शुरू किया है। वित्त वर्ष 2010-11 के अंत तक देश की 1000 मंडियों में यह सुविधा पहुंचा देने का लक्ष्य है। इसकी शुरुआत कल, बुधवार से दिल्ली की आजादपुर मंडी से की जाएगी। इसका उद्घाटनऔरऔर भी

पिछले साल मई महीने में दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर वॉलमार्ट ने भारत में अपना पहला होलसेल कैश एंड कैरी स्टोर खोला था। अब साल भर बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिटेलर केयरफोर भी यहां पहुंच गया है। अंतर इतना है कि वॉलमार्ट ने अपना व्यवसाय भारती मित्तल समूह के साथ मिलकर शुरू किया है तो केयरफोर अभी अकेले अपने दम पर अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी के तहत यह कारोबार शुरू कर रहा है। मूलतःऔरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने साल 2003 से 2005 के दौरान हुए आईपीओ घोटाले में ब्रोकर फर्म व डीपी (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज को एक कंसेंट ऑर्डर के तहत बरी कर दिया है। यह कंसेंट ऑर्डर पारित तो 6 मई को हुआ था, लेकिन इसे सार्वजनिक सोमवार 10 मई को किया गया। मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज के खिलाफ सेबी की कार्यवाही अप्रैल 2006 से ही चल रही थी। लेकिन जनवरी 2010 में ब्रोकर फर्म नेऔरऔर भी

यूरोप में ग्रीस, पुर्तगाल, इटली, आयरलैंड व स्पेन जैसे देशों की सरकारों को दीवालिया होने से बचाने के लिए यूरोपीय संघ ने नई पहल की है। इसके तहत करीब 750 अरब यूरो का राहत पैकेज तैयार किया गया है। लेकिन इसके साथ शर्त रखी गई है कि इस सरकारों को अपने खर्चों में कटौती करनी होगी, मितव्ययी बनना होगा। इस पैकेज में 60 अरब यूरो का योगदान यूरोपीय आयोग की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा आईएमएफऔरऔर भी

घरेलू अर्थव्यस्था के साथ ही देश का विदेशी व्यापार भी अब ढर्रे पर आ गया लगता है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार मार्च 2010 में हमारा निर्यात डॉलर में 54.1 फीसदी और रुपए में 36.9 फीसदी बढ़ा है। मार्च 2009 में भारत का निर्यात 1291.6 करोड़ डॉलर (66,169 करोड़ रुपए) था, जबकि मार्च 2010 में यह 1990.8 करोड़ डॉलर (90573 करोड़ रुपए) रहा है। लेकिन अगर पूरे वित्त वर्ष की तुलना करेंऔरऔर भी

लगता है पूरी सरकार यह समझाने में लग गई है कि यूरोप के ऋण संकट, खासकर ग्रीस के संकट का कोई खास असर भारत पर नहीं पड़ेगा। रविवार को सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा था कि अगर यूरोप में कई देशों के ऋण संकट को मौजूदा स्तर पर थाम लिया गया तो यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए फायदेमंद होगा। आज वित्त सचिव अशोक चावला ने दिल्ली में बयान दिया कि ग्रीस केऔरऔर भी

एक तरफ देश में मोबाइल सेवाएं बढ़ती जा रही हैं। निजी कंपनियां एक-दूसरे से होड़ लेती हुई देश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच रही हैं। देश में मोबाइलधारकों की संख्या 58.43 करोड़ के पार जा चुकी है। दूसरी तरफ सरकार का दूरसंचार विभाग (डॉट) ग्रामीण इलाकों में दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित रकम का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। देश के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने ग्रामीण इलाकों में इस काम केऔरऔर भी

रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज (आरएनआरएल) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कहा कि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के साथ गैस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और इस पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की कंपनी की कोई योजना नहीं है। दोपहर करीब ढाई बजे उन्होंने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में अपना लिखित बयान पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा – हम समझते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने गैस सप्लाई करार पर दिशानिर्देश देकर आरएनआरएल के 25 लाख सेऔरऔर भी