देश की कुल 6 लाख बसाहटों में से बमुश्किल 30,000 या महज 5 फीसदी में किसी वाणिज्यिक बैंक की शाखा है। तकरीबन 40 फीसदी भारतीयों के पास ही बैंक खाता है। यह अनुपात देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में तो और भी ज्यादा कम है। ऐसे लोगों की संख्या जिनके पास किसी न किसी किस्म का जीवन बीमा कवर है, केवल 10 फीसदी है। साधारण बीमा की बात करें तो यह सुविधा लेनेवालों का अनुपात एक से भीऔरऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति ने आखिरकार रिजर्व बैंक को बेचैन कर ही दिया और उसने आज, शुक्रवार को ब्याज दरें बढ़ाकर मांग को घटाने का उपाय कर डाला। रिजर्व बैंक ने तत्काल प्रभाव से रेपो दर (रिजर्व बैंक से सरकारी प्रतिभूतियों के एवज में रकम उधार लेने की ब्याज दर) 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.50 फीसदी और रिवर्स रेपो दर (रिजर्व बैंक के पास धन जमा कराने पर बैंकों को मिलनेवाली ब्याज दर) 3.75 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदीऔरऔर भी

इस साल भी दालों की महंगाई घटने के आसार नहीं हैं क्योंकि इस साल पिछले साल की बनिस्बत कम क्षेत्रफल में दलहन की बोवाई की गई है। कृषि मंत्रालय को राज्यों से मिले आंकड़ों के अनुसार 2 जुलाई 2010 तक देश भर में 5.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में दलहनी फसलें बोई गई हैं, जबकि साल भर पहले 2 जुलाई 2009 तक दलहन का बोवाई रकबा 5.18 लाख हेक्टेयर था। इस तरह इस साल 3000 हेक्टेयर कम रकबेऔरऔर भी

खानों के विकास और खनन अधिकारों से जुड़े नए विधेयक के प्रारूप पर मंत्रियों का समूह 22 जुलाई को चर्चा करेगा। यह जानकारी खान सचिव संता शीला नायर ने राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को संवाददाताओं को दी। लेकिन सूत्रों के मुताबिक खान मंत्रालय के आला अधिकारियों ने कंपनियों की जबरदस्त लॉबीइंग के चलते विधेयक के मूल प्रारूप में ऐसा बदलाव कर दिया है जिससे खनन परियोजना से विस्थापित होनेवाले परिवारों को शाश्वत रूप से आर्थिक सुरक्षा देनेऔरऔर भी

अगर कोई शेयरधारक साल के बीच में अपना डीमैट एकाउंट किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) के पास बंद कराके दूसरे डीपी के पास ले जाता है तो पहले डीपी को शेयरधारक से लिए गए सालाना या छमाही एकाउंट मेंटेनेंस चार्ज (एमएमसी) का बाकी तिमाही का हिस्सा लौटाना होगा। पूंजी बाजार नियामक सस्था, सेबी ने गुरुवार को एक सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया है। अभी तक होता यह है कि डीपी साल या छमाही की शुरुआत में डीमैटऔरऔर भी

भारत के शहरों में रहनेवाले साढ़े पांच करोड़ परिवारों को गांवों में रहनेवाले 14 करोड़ से ज्यादा परिवारों का होश हो या न हो, लेकिन वहां भी बीमा जैसी वित्तीय सुविधाएं पहुंच रही हैं। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी पर यकीन करें तो पिछले दस सालों में देश के 4.27 करोड़ किसानों ने फसल बीमा का लाभ उठाया है और यही नहीं, इस दौरान फसल बीमा के दावे के रूप में उन्हें कुल 15,521औरऔर भी

सरकार के लिए बड़े सुकून की बात है खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 19 जून को खत्म सप्ताह में तेजी से घटकर 12.92 फीसदी पर आ गई है। इससे पिछले हफ्ते में यह 16.90 फीसदी थी। इस कमी की वजह अनाज और सब्जियों के थोक मूल्यों का घटना है। एक साल पहले की तुलना में आलू के दाम 39.61 फीसदी और प्याज के दाम 7.36 फीसदी घटे हैं। दालों के थोक भाव सालाना आधार पर 31.57 फीसदी ज्यादाऔरऔर भी

मार्च 2009 से मार्च 2010 के बीच भारत पर आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष) का कर्ज लगभग छह गुना हो गया है। इस दौरान यह 101.8 करोड़ डॉलर से 493.4 फीसदी बढ़कर 604.1 करोड़ डॉलर हो गया है। लेकिन यह भारत के कुल 26145.4 करोड़ डॉलर के विदेशी ऋण का बहुत मामूली हिस्सा है। हमने इस ऋण का सबसे ज्यादा 27.2 फीसदी हिस्सा (7098.6 करोड़ डॉलर) वाणिज्यिक उधार के रूप में ले रखा है। कुल विदेशी कर्ज में अल्पकालिकऔरऔर भी

एचडीएफसी बैंक ने बेस रेट के मामले में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) को भी होड़ देने की ठान ली है। उसने अपना बेस रेट 7.25 फीसदी तय किया है, जबकि एसबीआई ने मंगलवार को घोषित किया था कि इस तिमाही के लिए वह अपना बेस रेट 7.50 फीसदी रखेगा। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने भी अपना बेस रेट एसबीआई के बराबर 7.50 फीसदी रखा है। बेस रेट वहऔरऔर भी

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) अस्पताल से सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के पूर्व चेयरमैन बी रामलिंगा राजू के स्वास्थ्य के बारे में एक जुलाई को नई रिपोर्ट देने को कहा है। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अर्जी दायर कर डाक्टरों की एक स्वतंत्र समिति से राजू के स्वास्थ्य की अलग से जांच कराने का अनुरोध किया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को निम्स के निदेशकऔरऔर भी