शेयरों के डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था अपनाने पर महीने भर के भीतर अंतिम फैसला हो जाएगा। यह कहना है पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन सीबी भावे। वे गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सर्टिफिकेशन एक्जामिनेशन फॉर फाइनेंशियल एडवाइजर्स (सीएफए) के लांचिंग समारोह के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उनका कहना था, “स्टॉक एक्सचेंजों के साथ तमाम मसलों पर विमर्श हो चुका है और महीने भर के भीतर अंतिम फैसलाऔरऔर भी

साल 2009 के अंत तक देश में सक्रिय गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की संख्या 33 लाख थी। कुल आबादी 120 करोड़ मानें तो हर 365 भारतीय पर एक एनजीओ। इसमें केवल पंजीकृत एनजीओ शामिल हैं। सीधा-सा मतलब है कि देश में अवाम से जुड़ने का एक बड़ा तंत्र सरकार के समानांतर बन चुका है। सबसे ज्यादा 4.8 लाख एनजीओ महाराष्ट्र में हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4.6 लाख, उत्तर प्रदेश में 4.3 लाख, केरल में 3.3 लाख,औरऔर भी

दो साल पुराने वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बैंकिंग व फाइनेंस क्षेत्र के निवेश को सबसे ज्यादा जोखिम भरा माना जाने लगा है। लेकिन हमारे म्यूचुअल फंडों ने अपना सबसे ज्यादा निवेश इसी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में कर रखा है। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के मिली जानकारी के मुताबिक मई अंत तक  म्यूचुअल फंडों ने अपनी कुल आस्तियों का 14.14 फीसदी हिस्सा बैंकों और 5.01 फीसदीऔरऔर भी

देश में औद्योगिक व कारोबारी गतिविधियों में सुधार के साथ कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरियां भी बढ़ने लगी हैं। जॉब पोर्टल नौकरी डॉट काम के अनुसार इस साल जून में कंपनियों ने पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 21 फीसदी ज्यादा नौकरियां दी हैं। नौकरी डॉट काम का मासिक जॉब इंडेक्स जून 2010 में 947 अंक पर पहुंच गया जबकि एक साल पहले यह 784 अंक पर था। जून के मासिक रोजगार सूचकांक में एक महीनेऔरऔर भी

वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने 22 जून को देश के बाहर अमेरिका में बयान दिया था कि रिटेल सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को क्रमबद्ध रूप से बढ़ाया जाएगा और इसके ठीक दो हफ्ते बाद ही वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति व संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने मल्टी ब्रांड रिटेल क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोलने पर 21 पन्नों का बहस-पत्र पेश कर दिया। इस पर 31 जुलाई तक सभी संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया मांगी गई है।औरऔर भी

सरकार ने पेट्रोल का नया दाम निकाला तो कच्चे तेल की लागत 74.84 डॉलर (करीब 3517 रुपए) प्रति बैरल मानी थी। हर बैरल में 42 गैलन या 158.76 लीटर होते हैं। इस हिसाब से कच्चे तेल का प्रति लीटर मूल्य हुआ 22.15 रुपए। इस पर रिफाइनिंग लागत अधिक से अधिक 10% (2.15 रुपए) होती है। रिफाइनरी की पूंजी लागत के अंश व लाभ के लिए 6 रुपए और जोड़ दें तो पेट्रोल का दाम हुआ 30.30 रुपए/लीटर।औरऔर भी

केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने तय किया है कि अब नेशनल टेक्सटाइल्स कॉरपोरेशन (एनटीसी) अपनी बंद पड़ी मिलों की जमीन ई-ऑक्शन के जरिए ही बेचेगी। यह फैसला कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन के निर्देश पर लिया गया है। इस समय एनटीसी को मुंबई में बंद पड़ी अपनी मिलों – भारत टेक्सटाइल मिल्स और पोद्दार टेक्सटाइल मिल्स की जमीन बेचनी है। इसके लिए वह अखबारों में ई-ऑक्शन का विज्ञापन निकलवा चुकी है। गौरतलब है कि अभी तक एनटीसी अपनी अचलऔरऔर भी

बेस रेट तो लागू हो गया, लेकिन पुराने होम लोन के ब्याज का क्या होगा? नया होम लोन तो बैंक अपने बेस रेट के हिसाब से देंगे। जो ऋण नवीकरण के लिए आएंगे, उन पर भी बेस रेट की नई प्रणाली लागू होगी। जिन बैंकों ने शुरुआती सालों के लिए 8, 8.25 या 8.50 फीसदी ब्याज दर वाली विशेष स्कीमें पेश की थी, उन्हें और उनके ग्राहकों को कोई परेशानी नहीं है। एसबीआई या एचडीएफसी की तरहऔरऔर भी

भारत बंद की व्यापक सफलता के बीच सरकार के आला अधिकारी मुद्रास्फीति पर जल्द ही काबू पा लेने का दावा कर रहे हैं। पहले योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह आहलूवालिया ने ऐसी बात कही। उसके बाद वित्त सचिव अशोक चावला ने कहा कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति कुछ महीनों के भीतर 5-6 फीसदी के स्वीकार्य स्तर पर आ जाएगी। अशोक चावला ने सोंमवार को राजधानी में राज्य राजमार्गों पर आयोजित एक सम्मेलन के दौरान अलग सेऔरऔर भी

महंगाई खासकर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और केरोसिन के मूल्य बढ़ाने जाने के खिलाफ आज देश के ज्यादातर राज्यों में व्यावसायिक व आर्थिक गतिविधियां ठहर गईं। शेयर बाजार तक इससे अछूता नहीं रहा जहां कारोबार की कुल मात्रा घटकर महज 46426 करोड़ रुपए रह गई, जबकि वहां औसत कारोबार एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का होता रहा है। एनएसई में फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफ एंड ओ) सेगमेंट में 35804 करोड़ का कारोबार हुआ और कैश सेगमेंट मेंऔरऔर भी